
हाथरस 11 अक्टूबर। कृषि उत्पादन मंडी समिति में धान की बंपर आवक के चलते अलीगढ रोड पर जाम के हालत हो गए है। शुक्रवार को दो दिन के लिए धान की आवक रोकने की घोषणा के बाद शनिवार व रविवार को मंडी में पहले से खरीदे गए धान की निकासी पर जोर दिया गया। मंडी के बाहर किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली कतारों में खड़े रहे, जबकि व्यापारियों ने ट्रकों और ट्रॉलों के जरिए धान को बाहर भेजा। रविवार रात धान लेकर मंडी पहुंचे किसानों को प्रवेश नहीं मिला तो उन्होंने अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क किनारे खड़े कर दिए। उम्मीद की जा रही है कि आज रात 12 बजे के बाद किसानों को मंडी में प्रवेश मिलेगा, जिसके बाद व्यापारियों के ट्रक और ट्रॉले द्वारा धान को पंजाब और हरियाणा की राइस मिलों के लिए रवाना किया जाएगा ।
मंडी के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दिनों करीब 1.45 लाख क्विंटल धान की आवक हुई है। इसके साथ ही इस सीजन में कुल आवक बढ़कर 4,54,470 क्विंटल हो गई है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 45 हजार क्विंटल अधिक है। शनिवार को मंडी में पहले से मौजूद धान में से लगभग 15 हजार क्विंटल की खरीद हुई, जबकि करीब 60 हजार क्विंटल धान की निकासी की गई। धान के भाव की बात करें तो हाथ से कटे धान की कीमत में शनिवार को तेजी देखने को मिली। व्यापारी राजकुमार और योगेश वार्ष्णेय के अनुसार, हाथ से कटे धान का भाव शुक्रवार को 4,250 रुपये प्रति क्विंटल था, जो शनिवार को बढ़कर 4,300 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। कम नमी होने के कारण इस धान की मांग बनी हुई है। वहीं, कंबाइन से कटे धान का भाव नमी के आधार पर 3,200 से 3,700 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहा। व्यापारियों के मुताबिक, नमी वाले धान में कालापन आने की आशंका रहती है। इसी वजह से व्यापारी पहले मंडी में मौजूद पुराने माल की निकासी पर ध्यान दे रहे हैं और नई खरीद करने से बच रहे हैं। दूसरी ओर, जगह की कमी और वाहनों की लंबी कतारों के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। जानकारों के अनुसार पहले से खरीदे गए धान की निकासी के लिए आवक रोकी गई है। इस साल कंबाइन से कटे धान की अधिक आवक होने के कारण एक साथ बड़ी संख्या में वाहन मंडी पहुंच रहे हैं, जिससे व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। फिलहाल मंडी प्रशासन और व्यापारी पहले से मौजूद धान को बाहर भेजने में जुटे हैं, ताकि मंडी में जगह खाली होने के बाद आगे की आवक को व्यवस्थित किया जा सके।










