सिकंदराराऊ 04 अगस्त |  भाईचारा सेवा समिति के तत्वावधान में लालाराम महाविद्यालय नगला भूड में एक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ कवि राघवेन्द्र पचैरी रांगेय ने की तथा संचालन शिवम कुमार आजाद ने किया। कवि सम्मेलन का शुभारम्भ सहकारी संघ लिमिटेड अगसौली की अध्यक्ष साधना सिंह संघर्षी एवं प्रधान पति मनोज यादव ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके किया।

गोष्ठी का शुभारम्भ दिल्ली से पधारे कवि सर्जन शीतल ने मां सरस्वती की वंदना से किया गया।

 कासगंज के कवि राजवीर सिंह राजू ने रचना सुनाई-

शिक्षा जीने की कला, जीवन को दे प्यार। साक्षरता की अधिकता, वही राष्ट्र का आधार।।

संजीव सरगम ने रचना सुनाई-

मैं भारत मां के चरणों में अपनी जान रखता हूं।

तिरंगा हो कफन मेरा यही अरमान रखता हूं।।

कवि अवशेष मानवतावादी ने गीत सुनाया –

शहीदों की मिट्टी को सौ-सौ नमन है।

शायर शिवम कुमार आजाद ने कुछ यूं सुनाया-

जुल्म करके जो पशेमान नहीं हो सकते।

आदमी वे कभी इंसान नहीं हो सकते।।

कवि प्रेमसिंह प्रेम ने रचना सुनाई-

 गीधराज तजि गये देश को देख धरम की हानि।

समिति के संस्थापक महेश यादव संघर्षी एवं प्रांतीय उपाध्यक्ष हरपाल सिंह यादव ने समिति के कार्याें का उल्लेख करते हुए बताया कि भाईचारा सेवा समिति सामाजिक, शैक्षिक एवं साहित्यिक क्षेत्र में सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में निरतंर अग्रसर है तथा सामाजिक कार्यों में बढचढ कर भागीदारी करती है। कवि सम्मेलन में पधारे सभी अतिथियों एवं कवियों को स्मृति चिन्ह भैंट कर तथा शाॅल उढा कर एवं फूलमाला पहना कर कालेज प्रबंधक राजेश यादव, प्रधान मनोज यादव एवं सहकारी समिति के अध्यक्ष राजेश यादव ने सम्मानित किया। इस अवसर पर सुरेन्द्र यादव, हसरूद्दीन, बंटी पहलवान, हरेन्द्र चैधरी, अच्छे लाल, शंकरपाल, वीरेन्द्र सिंह, जयचन्द लोधी, सर्वेश यादव, रामप्रकाश, नवल सिंह नेताजी, हरेन्द्र यादव, साहित्य शर्मा, राकेश कुमार, विनय यादव, देवेन्द्र बघेल, अल्लानूर, जयप्रकाश, संजय यादव, डा. आरिफ खान, नवाव कुरैशी, मनोज सविता, अजीज खां, अनीस कुरैशी, अनीता माथुर आदि मौजूद थे।