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हाथरस 09 जून । मुख्य डाकघर पेंशन संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने पहुंची एक बीमार महिला की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतका की बेटी ने डाक विभाग के एक कार्यालय सहायक पर संवेदनहीनता एवं उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से मामले में कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कासगंज रोड स्थित सिकंदराराऊ निवासी श्रेया दीक्षित ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनके पिता रामसेवक शर्मा भारतीय डाक विभाग में शाखा डाकपाल के पद पर कार्यरत थे। 29 जून 2025 को ड्यूटी के दौरान उनका निधन हो गया था। पिता की मृत्यु के बाद नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) से संबंधित औपचारिकताएं पूरी की जानी थीं, जो कथित रूप से लगभग 11 माह बाद भी लंबित थीं। शिकायत के अनुसार, डाक विभाग के एक कार्यालय सहायक के कहने पर 4 जून को श्रेया अपनी मां राधारानी को लेकर मुख्य डाकघर हाथरस पहुंचीं। राधारानी अस्थमा की मरीज थीं। चूंकि संबंधित कार्यालय भवन की ऊपरी मंजिल पर स्थित है, इसलिए श्रेया ने कार्यालय सहायक से अनुरोध किया कि उनकी मां की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए वह नीचे आकर आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लें। आरोप है कि कार्यालय सहायक ने नीचे आने से इनकार कर दिया। इसके बाद श्रेया अपनी मां को सहारा देकर सीढ़ियों के माध्यम से ऊपर ले जाने लगीं। इसी दौरान सीढ़ियां चढ़ते समय राधारानी की सांस फूलने लगी और उनकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। बताया गया कि डाकघर के अन्य कर्मचारियों की सहायता से उन्हें तत्काल नीचे लाकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले को लेकर श्रेया दीक्षित ने पुलिस अधीक्षक के साथ-साथ प्रधानमंत्री कार्यालय, डाक विभाग के उच्चाधिकारियों तथा जिलाधिकारी को भी शिकायत भेजकर जांच एवं कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पिता की मृत्यु के बाद पेंशन संबंधी प्रक्रिया में लगातार विलंब हुआ और अब उनकी मां की भी मृत्यु डाकघर में आवश्यक औपचारिकताओं के दौरान हो गई।

 

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