हाथरस 10 नवम्बर । हमारे देश के ज्योतिष शस्त्रियों का सभी ने लोहा माना है। ज्योतिष से सबकुछ तो नहीं, लेकिन बहुत कुछ संभव हो सकता है। इसके लिए गणित लगाने वाला होना चाहिए। अनुष्ठानों को भाव और गंभीता से करने वाला होना चाहिए। गुरु-शिष्य की परंपरा में डले हर उस जातक का ज्योतिष से भला हो सकता है जो समर्पण और सद्भाव के साथ कार्य करता है।
आज का दिनः-
दिन शुक्रवार माह कार्तिक, कृष्ण पक्ष, तिथि सप्तमी अपरांहन 2 बज कर 58 मिनट तक इसके उपरांत अष्टमी तिथि का आरंभ। दिनांक 10 नवंबर, 17 को सुबह सुर्य 6 बजकर 38 मिनट पर उदय हुए। सूर्य देव का सयन काल शाम 5 बजकर 24 मिलट नी हरेगर और शाम को चंद्र दर्शन रात 11 बज कर 42 बजे होंगे। राहू काल 10 बज कर 30 मिनट से 12 बजे तक। पुष्य नक्षत्र अपरांहन 12 बज कर 25 मिनट तक इसके उपरांत आश्र्ठेष नक्षत्र। शुभ योग अर्धरात्रोत्तर 3 बज कर 37 मिनट तक इसके उपरांत ब्रम्हा योग का आरंभ। आज का पूजनः-भैरव पूजन। क्योंकि आज ही श्री काली भैरव अष्टमी है और मासिक कालाष्टमी व्रत भी आज ही का होगा।