हाथरस 23 मई । कार्यकर्ताओं का बौद्धिक व शारीरिक विकास बना रहे इसी के दृष्टिगत संघ द्वारा समय समय पर विभिन्न वर्गों का आयोजन किया जाता है। वर्तमान में देश कोरोना आपदा के दौर से गुजर रहा है लेकिन देश पर आई आपदा मे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक विभिन्न सेवा माध्यमो से सेवा कार्य मे लगे हुये है। जनपद के कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण हेतु दो दिवसीय युवा कार्यकर्ता विकास वर्ग का ऑनलाइन आयोजन किया गया। वर्ग में स्वयंसेवक बंधुओ को प्रान्त व क्षेत्र के अधिकारियों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। वर्ग को अलग अलग सत्रों में विभाजित किया गया था। युवा कार्यकर्ता विकास वर्ग के उद्घाटन सत्र को विभाग प्रचारक जितेन्द्र द्वारा सम्बोधित किया गया।उन्होंने कार्यकर्ता बन्धुओ को वर्ग का उद्देश्य एवँ दैनिक शाखा-एक साधना विषय पर मार्गदर्शन करते हुये कहा कि वर्गों के आयोजन में विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलता है जिसमें उनके अनुभव एवँ शिक्षण के संयोग से कार्यकर्ताओं की कार्यकुशलता में वृद्धि होती है साथ ही उनका सम्पूर्ण विकास में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा दैनिक शाखा से हम अनुशासन सीखते है वहीं हमारे अंदर संस्कारों का उदय भी होता है। उद्घाटन सत्र के बाद जिला शारिरिक प्रमुख धर्मेन्द्र ने स्वयंसेवक बंधुओं संग ऑनलाइन शाखा लगाई गई। रात्रि कार्यक्रम में बड़ी कहानी को प्रांत बौद्धिक शिक्षण प्रमुख देवराज ने चन्द्रगुप्त मौर्य एवं चाणक्य विषय पर सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि चाणक्य राष्ट्रभक्त थे। उन्होंने अपनी बुद्धि क्षमता एवँ दूरदर्शिता से चन्द्रगुप्त मौर्य को कुशल योद्धा बनाकर क्रूर धनानन्द का अंत किया और चंद्रगुप्त मौर्य को सम्राट स्थापित किया।

दूसरे दिन के प्रथम सत्र में क्षेत्र के बौद्विक शिक्षण प्रमुख सुशील कुमार ने एकात्मतास्त्रोत्र का भारतीय जीवन मे महत्व पर प्रकाश डाला। द्वितीय सत्र को जिला प्रचारक धर्मेन्द्र ने सम्बोधित किया। उन्होने स्वयंसेवक के गुण एवँ व्यवहार विषय पर बोलते हुए कहा कि स्वयंसेवक सर्वगुण सम्पन्न होता है। उसका व्यवहार शालीन एवँ समाज अनकूल होना चाहियें। एक स्वयंसेवक मृदुभाषी ,कठोर परिश्रमी, समाज के लोगों की मदद करने वाला , कुरूतियों के प्रति समाज को जागरूक करने वाला, समाज के प्रत्येक वर्ग का विश्वास जीतने वाला,अच्छे-बुरे की समझ रखने वाला होना चाहिए। प्रांतीय सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख सतीश ने बताया कि प्रार्थना संघ का मंत्र है। उन्होंने वर्ग के माध्यम से कार्यकर्ताओं को प्रार्थना का अभ्यास करने साथ मूलभूत जानकारी देने के साथ भावार्थ समझाया। उन्होने कहा कि मंत्र तभी सिद्ध होता है जब भावार्थ समझकर उच्चारण किया जाये। बौद्विक वर्ग में सह क्षेत्र प्रचारक प्रमुख महेंद्र द्वारा संघ के संस्थापक डॉ केशवराव बलिराम हेडगेवार के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संघ को समझने के लिये डॉ जी का जीवन पढ़ना अत्यन्त आवश्यक है। युवा कार्यकर्ता विकास वर्ग के समापन सत्र में सह प्रान्त कार्यवाह एवँ कोटा यूनिवर्सिटी के सेवा निवृत्त प्रो.वाइस चांसलर डॉ.प्रमोद शर्मा का संबोधन हुआ। उन्होंने भारतीय जीवन मूल्य एवं जीवन दर्शन से स्वयंसेवक बन्धुओ को अवगत कराया। उन्होंने वसुधैव कुटुम्बकम, कृण्वन्तोविश्वमार्यम ,सर्वे भवन्तु सुखिनः एवं मातृवतपरदरेषु परद्रव्येशुलोष्ठवत जैसे अत्यंत गूढ़ जीवन मूल्यों से अवगत कराते हुए बताया कि इन जीवन मूल्यों के आधार पर ही भारतीय संस्कृति दुनिया की सर्वश्रेष्ठ संस्क़ृति है।

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