सादाबाद (सहपऊ) 07 जनवरी । मरहूम वालिद की यादगार में साहबजादे ने हसन अली ने 13 वी पुण्यतिथि पर सहपऊ के रासिया सरताज मंजूर अली खाँ उर्फ भिक्क़ी मुल्ला जी को गायकी के माध्यम से श्रंद्धाजलि दी।

कस्बे के पुराना थाना जामा मस्जिद पर पुरानी परम्परा के अनुसार शनिवार को सहपऊ के रसिया सरताज अपनी गायकी व लेखनी के लिये गंगा जमुनी तहजीब के मशहूर गायक मरहूम मंजूर अली खाँ उर्फ भिक्क़ी मुल्ला जी की 13 वी पुण्यतिथि (वर्षीय) पर उनके साहबजादे शहरकाज़ी आसिफ अली खाँ व उसके खानदानियो आदि ने उनकी मजार पर चादर पेशगी के साथ मरहूम वालिद के छविचित्र पुष्प अर्पित कर श्रंद्धाजलि दी।

 विराट रसिया दंगल मंच पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक श्याम सिंह, प्रदेश अध्यक्ष अखिल भारतीय क्षत्रिय माहौर स्वर्णकार महासभा व व्यापार मंडल नगर अध्यक्ष गजेन्द्र कुमार वर्मा, उपसभापति सहकारी संघ सहपऊ व वरिष्ठ पत्रकार रजत उपाध्याय व व्यापार मंडल महामंत्री देवेन्द्र कुमार वार्ष्णेय(देवालाला) तथा कस्बा इंचार्ज बलवीर सिंह सादाबाद विधायक प्रतिनिधि विजेंद्र सिंह चौधरी आदि का साफ बाँधकर स्वागत, सत्कार व अभिनंदन किया। उक्त लोगों द्वारा संयुक्त रूप से फ़ीता काटकर विराट रसिया दंगल का उद्घाटन किया। रसिया दंगल करन शर्मा अखाड़ा हतीसा हाथरस व उस्ताद चांदो लाला अखाड़ा रामवीर सिंह हसनपुर बारु हाथरस के मध्य शनिवार 7 जनवरी की देर शाम तक चला जिसमें दोनो ही अखाड़े के गायक करन शर्मा, व रामवीर सिंह ने अपनी गायकी व कलाकारी के माध्यम से रसिया सरताज मरहूम भिक्क़ी मुल्लाजी को श्रंद्धाजलि अर्पित करने के साथ गायक रामवीर सिंह ने अपनी गायकी के माध्यम से श्रोतागणों को अवगत कराया कि प्राचीन समय से कस्बा सहपऊ गंगा जमुना के बीच अपनी रसिया गायकी,स्वांग विद्या, जबावी संकीर्तन,कवि व रामलीला आदि धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए प्रख्यात रहा है। अनेक गुरु उस्ताद,गायक इस पावन माटी में पैदा हुए उन्हें भी अपनी गायकी के माध्यम यादकर नमन किया जैसे लाला मुंशीलाल, मुन्ना लाल पण्डित जी, दीनानाथ, लाला जगदंबे शरण गुप्ता,रेवती लाल जैसवाल,वीरों पण्डित जी,बदन सिंह,दुर्गा शरण गुप्ता,श्याम कमल रसिक,पप्पू पण्डित जी,बी के.डी.और महेश चंद्र वर्मा आदि को अपनी गायकी माला में पिरोहकर समा बाधा।राष्ट्रभक्ति,भारतीय संस्कृति,बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ,धार्मिक आस्था व गंगा जमुनी तहजीब में हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल पेशगी दी। जिसे सुनकर हज़ारों की संख्या में उपस्थित श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गये। रसियो के अंत मे उनके मझले साहबजादे हसन अली ने अपने वालिद मंजूर अली ख़ाँ उर्फ भिक्क़ी मुल्ला जी के द्वारा लिखी गजल का नगमा जैसे हर नजर बन गई हैं नजर आपकी, दिल की सूरत बन गयी हैं नजर आपकी हर जरूरत बन गयी हैं नजर आपकी पेश की।

कार्यक्रम के अंत मे विशिष्ट अतिथि गजेन्द्र कुमार वर्मा, रजत उपाध्याय, देवालाला व चौधरी मोनवीर सिंह धाधऊ आदि ने निर्णायक मंडल के आधार पर दोनो अखाड़ों के उस्तादों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। शहर काजी आसिफ अली ने सभी जनता जनार्दन का सहयोग के लिए आभार प्रकट किया। इस मौके पर प्रमुख समाजसेवी, महेश वर्मा, विकास यादव, वीरेन्द्र यादव (बब्बन), मुरारीलाल पाठक, मनोहर कुशवाहा, हरवीर सिंह चौधरी,

ओम प्रकाश नायक (कविया) विनोद शुक्ला, दिनेश नायक, संजीव वार्ष्णेय, राजकुमार फौजी,

रमेश बघेल, रघुराज यादव, मुकेश सिसोदिया, श्याम कमल रसिक,हसन अली, शिवकुमार शर्मा व पप्पू वर्मा आदिजन मौजूद रहे।