नई दिल्ली 29 अक्टूबर । यदि आप भी ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं तो अलर्ट हो जाएं क्योंकि हाल ही Drinik Android Trojan वायरस वेरिएंट देखा गया है, जो 18 से ज्यादा बैंकों के खाताधारकों को टारगेट कर रहा है। Drinik Android Trojan बैंक यूजर्स का पर्सनल डेटा और बैंकिंग क्रेडेंशियल चुरा लेता है और फिर उसका उपयोग कर खाता साफ कर देता है। आपको बता दें कि Drinik Android ट्रोजन वायरस 2016 से भारत में सर्कुलेट हो रहा है और इस ट्रोजन वायरस के जरिए यूजर्स के मोबाइल पर आने वाले ओटीपी मैसेज को हैक कर लिया जाता है। अब जानकारी मिली है कि सितंबर 2021 में इसमें एक बैंकिंग ट्रोजन भी जोड़ा गया है। जिसके बाद इस Drinik Android Trojan वायरस का खतका बढ़ गया है।

एसबीआई सहित 27 बैंक निशाने पर

Drinik Android Trojan वायरस भारतीय स्टेट बैंक सहित 27 बैंकिंग संस्थानों को निशाना बना रहा है। Drinik Android Trojan का नया वेरिएंट यूजर्स को हैकिंग के बाद एक फिशिंग पेज पर लेकर जाता है, वहां से यूजर्स की पर्सनल जानकारी चुरा लेता है। मीडिया रिपोर्ट्स में भी यह जानकारी दी गई है कि Drinik Android Trojan वायरस के क्रिएटर्स ने इसे फुल एंड्राइड बैंकिंग ट्रोजन के रूप में विकसित किया है और इसलिए एंड्राइड मोबाइल यूजर्स को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
Drinik Android Trojan वायरस के कारण यूजर्स का एंड्राइड मोबाइल हैक हो जाता है। यह मैलवेयर यूजर्स से एसएमएस पढ़ने, प्राप्त करने और भेजने की अनुमति मांगता है। इसके अलावा, यह कॉल लॉग्स और एक्सटर्नल स्टोरेज को एक्सेस करने की परमिशन भी मांगता है, जो यूजर द्वारा परमिशन देते ही गूगल प्ले प्रोटेक्ट को डिसेबल कर देता है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि यूजर्स की स्क्रीन पर एक फेक डायलॉग बॉक्स खुलता है, जिसमें यूजर्स को 57100 रुपए का रिफंड मिलने की बात भी कही जाती है। रिफंड बटन पर क्लिक करने पर फ़िशिंग पेज खुल जाता है, जो सभी व्यक्तिगत विवरण चुरा लेता है।