श्रावण शुक्ल पंचमी को प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला पर्व नाग पंचमी है जो इस वर्ष 25 जुलाई दिन शनिवार को पूरे देश में मनाई जाएगी मान्यता के अनुसार इस दिन नागों की पूजा की जाती है वास्तविक अर्थों में नाग पंचमी का पर्व उनकी सुरक्षा संवर्धन और संरक्षण के लिए प्रेरणा देता है देवी भागवत में उल्लेखित है पुराने समय में ऋषि-मुनियों ने नागों की पूजा अनेकों व्रत पूजन के साथ की इस दिन उनकी पूजा के साथ उनको गाय के दूध से स्नान कराया जाता है उन को दूध नहीं पिलाया जा सकता है क्योंकि वह पूर्णता शाकाहारी नहीं है |
शुभ मुहूर्त-
नाग पंचमी का प्रारंभ 24 जुलाई दिन शुक्रवार दोपहर 2:35 से 25 जुलाई शनिवार 12:03 तक मनाया जाएगा विशेषकर पूजा का शुभ मुहूर्त प्रातः 5: 38 से 8:22 तक अति उत्तम रहेगा |

पूजन विधि-
आज के दिन घर के दरवाजे पर दोनों ओर गाय के गोबर से नाग की आकृति बनाना चाहिए |
इस दिन दही दूब घास गंध कुशा अक्षत फूल आदि से पूजन करना चाहिए |
इस दिन उनके नाम से भोजन एवं दान दक्षिणा दक्षिणा निकालकर किसी धर्म स्थल पर दान देना चाहिए |
इस दिन नागों को दुग्ध स्नान कराकर उनके डर से मुक्ति प्राप्त होती है |
नागों की पूजा में विशेषकर हल्दी का प्रयोग अवश्य करना चाहिए |
अनंत वासुकि शेष पद्मनाम कंबल धृतराष्ट्र शंखपाल कालिए तथा तक्षक आदि इन सभी नागों के नाम हल्दी चंदन के मिश्रित लेप से दीवार पर लिखना चाहिए |
लोहे की कढ़ाई में कोई भी चीज बना कर खाना वर्जित माना गया है |
नाग पंचमी पर निषेध कार्य
आज के दिन भूमि की खुदाई करना वर्जित माना गया है |
आज के दिन नागदेव की तस्वीर या मिट्टी या धातु से बनी प्रतिमा का ही पूजन करना चाहिए |                       आज के दिन संभव हो तो सपेरों से नागों को खरीद कर उन्हें मुक्त कर देना चाहिए |
राजेश कुमार शर्मा
ज्योतिषाचार्य