सासनी 22 नवंबर | बेटी है तो कल है। बेटे के साथ-साथ बेटी को भी वही हक, प्यार और दुलार मिलना चाहिए। समय बदल रहा है और बेटियां भी अपनी प्रतिभाओं का पराक्रम दिखा रही हैं। बस अब हमको भी समान सोच का समन्वय करने की आवश्यकता है। यह उद्गार संरक्षण अधिकारी विमल कुमार शर्मा ने व्यक्त किये। बैठक में ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति व बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ/महिला शक्ति केंद्र/ बाल विवाह टास्कफोर्स की बैठक में विभिन्न जानकारी दी गई। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख श्रीमती प्रतिभा कमल ने किया। बैठक में महिला कल्याण विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को बहुत ही महत्वपूर्ण बताया। इस मौके पर अधिक से अधिक बच्चों एवं महिलाओं को योजना का लाभ दिलाए जाने के लिए भी प्रेरित किया गया। इस मौके पर संरक्षण अधिकारी विमल कुमार शर्मा ने उपस्थित आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना , मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य , बालश्रम, स्पॉन्सरशिप एवं फोस्टर केयर योजना, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, दत्तक ग्रहण, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन,घरेलू हिंसा व महिला उत्पीड़न वन स्टॉप सेंटर ,चाइल्ड हेल्प लाइन नं0 (1098)181,112 के साथ मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा के कोविड काल (1 मार्च 2020) के दौरान माता-पिता दोनों या किसी एक अथवा अभिभावक को खोने वाले बच्चों को अच्छे स्वास्थ्य , पालन पोषण तथा शिक्षा जारी रखना मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य है जिन परिवारों ने कोरोना काल में अपनों को खोया है उनके बच्चों के सपने टूट ना जाए इसलिए उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है कोविड काल में कोरोना से मृत होने पर उनके बच्चों को 4000 रुपए प्रति माह प्रति बच्चा दिया जा रहा हैं
कोविड काल में अन्य कारणों से मृत्यु होने पर उनके बच्चों को 2500 रुपए प्रतिमाह प्रदान किए जाने का प्रावधान है और कक्षा 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण कर डिग्री कॉलेज , विश्वविद्यालय अथवा तकनीकी संस्थान से स्नातक की डिग्री या डिप्लोमा प्राप्त कर रहे या नीट, जेईई व क्लेट जैसे राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले मेधावी छात्रों को 23 वर्ष आयु पूर्ण अथवा स्नातक शिक्षा, डिप्लोमा प्राप्त करने में जो भी पहले हो तक इस योजना का लाभ दिया जाएगा। योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए परिवार की वार्षिक आय ₹ 300000 (तीन लाख) से कम होनी चाहिए तथा जिनके माता-पिता दोनों नहीं है उनके आवेदन के लिए आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है।
विधि सह परीक्षा अधिकारी दीपक कुमार ने पोक्सो अधिनियम 2012 किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अन्तर्गत विधि का उल्लंघन करने वाले बच्चों की सहायता हेतु विस्तार से जानकारी देते हुए थाने से आए बाल कल्याण अधिकारी के साथ-साथ बेसिक शिक्षा विभाग से आये प्रतिनिधि को बच्चों के सर्वोत्तम हित के लिए कार्य करने हेतु प्रेरित किया ।
इस अवसर प्रभारी खंड विकास अधिकारी राजकुमार शर्मा, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि इ0 दिनेश माहौर, सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण केपी सिंह सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह, मुख्य सेविका आईसीडीएस ममता शर्मा, उप निरीक्षक भूप सिंह , महिला आरक्षी उषा सुमन तथा सासनी विकासखंड की आंगनवाड़ी कार्यकर्ती, रेनू रावत, सुदेश कुमारी, नीरज शर्मा, पुष्पा रानी, राधा देवी आदि उपस्थित रही ।