हाथरस 22 नवंबर | आज जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर अस्पताल में भर्ती मरीजों से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी की तथा आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने व साफ सफाई की व्यवस्था दुरूस्त रखने तथा मरीजों की सुविधा हेतु टोकन व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पर्ची काउंटर, एन0पी0पी0सी0डी0 कक्ष, वरिष्ठ परामर्शदाता कक्ष, दवा वितरण कक्ष, डेंगू वार्ड, एन0आर0सी0 कक्ष, महिला ओ0पी0डी0 कक्ष, एस0एन0सी0यू0 कक्ष, लेबर रूम, जच्चा बच्चा वार्ड, जनरल महिला/पुरुष वार्ड व आपातकालीन कक्ष का निरीक्षण किया।

जिलाधिकारी ने पर्ची काउंटर तथा दवा वितरण कक्ष के बाहर लम्बी-लम्बी लाईन लगे होने पर उन्होंने सी0एम0एस0 से दवा वितरण हेतु टोकन व्यवस्था लागू करने तथा मरीजों के बैठने हेतु उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए, जिससे मरीजों को लाईन में नहीं लगना पड़ेगा, नम्बर आने पर वह अपनी दवा प्राप्त कर सकते है। औषद्यि संग्रह कक्ष का निरीक्षण कर स्टॉक पंजिका से दवाओं का मिलान किया। स्टोर कक्ष में उपलब्ध दवाईयों के निकासी हेतु कम्प्यूटर प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने पोषण पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। उपस्थित आहार विशेषज्ञ पारूल जौहरी ने बताया कि पोषण पुनर्वास केंद्र में 5-5 बैड के दो कक्ष संचालित है तथा एक कक्ष प्ले रूम का है। वर्तमान में कुल 10 बच्चे भर्ती हैं। भर्ती कुपोषित बच्चों के माता-पिता से वार्ता की तथा उन्होंने 14 दिन तक रह कर बच्चों का उपचार कराने के निर्देश दिए तथा चिकित्सकों द्वारा दिए जाने वाले सुझावों का अनुपालन करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा आर0बी0एस0के0 टीम, आंगनबाड़ी केन्द्र, पी0एच0सी0 तथा सी0एस0सी0 सेंटरों से अधिक से अधिक कुपोषित बच्चों को एन0आर0सी0 में भर्ती कराने के निर्देश दिए, जिससे कि कुपोषित बच्चों को सुपोषित की श्रेणी में लाया जा सके। जिलाधिकारी ने डेंगू वार्ड का निरीक्षण किया, जहाँ पर उन्होंने भर्ती मरीजों से वार्ता की तथा उपस्थित चिकित्सकों से उनके द्वारा कराई गई जाँचों के बारे में जानकारी कर बेहतर स्वास्थ्य सेवाऐं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके पश्चात् उन्होंने महिला अस्पताल में ओ0पी0डी0 कक्ष, लेबर रूम, प्रसव कक्ष, एस0एन0सी0यू0 कक्ष का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जिन गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी जिला अस्पताल में कराई जाती है। उनका आधार कार्ड व अन्य आवश्यक प्रपत्रों को मरीजों को भर्ती करते समय ही जमा करते हुए समस्त आवश्यक कार्यवाहियों को पूर्ण करते हुए डिस्चार्ज करने के साथ ही शासन द्वारा संचालित योजनाओं के तहत धनराशि लाभार्थी के खाते में तत्काल हस्तांतरण करने के निर्देश दिए। आपातकालीन कक्ष का निरीक्षण किया, जहाँ पर वर्तमान में 6 बैड की व्यवस्था है। जिलाधिकारी ने सी0एम0एस0 को जिला अस्पताल में पार्किंग स्थल निर्धारित करते हुए पार्किंग की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित करने तथा पार्किंग स्थल पर सी0सी0टी0वी0 कैमरे लगाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी डा0 बसंत अग्रवाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 मंजीत सिंह, सी0एम0एस0 आदि उपस्थित रहे।

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