हाथरस 02 अक्टूबर | आंधीवाल टेम्पल पसरट्टा बाजार में श्री महाकाली जी महारानी (कोठी वाली मईया) विराजमान हैं। इस मंदिर की स्थापना 125 बर्ष पूर्व सेठ दरवारी लाल आंधीवाल रईस हाथरस ने करवाई थी। वर्तमान में इस मंदिर के प्रबंधक रामगोपाल आंधीवाल हैं। शारदीय नवरात्र मे विधि विधान से श्रृद्धालुओं द्वारा अज्ञारी व पूजा अर्चना की जाती है। मंदिर मे इस दौरान महाकाली का पंचामृत अभिषेक व भव्य श्रृंगार किये जाते हैं। नवरात्रि में काफी दर्शनार्थी दर्शन को आते है। मंदिर प्रबंधक रामगोपाल आंधीवाल ने बताया कि शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि को सांय 6 बजे महायज्ञ होगा एवं नवमी को भव्य श्रृंगार दर्शन होंगे ऐसे श्रृंगार दर्शन वर्ष मे केवल दो बार नवदुर्गा की नवमी को ही होते हैं। उल्लेखनीय है कि महाकाली जी का यह विग्रह एवं कलकत्ता वाली दक्षिणेश्वरी काली का विग्रह एक जैसा है। जो भी भक्त दर्शन को आते हैं उनकी माँ काली हर मुराद पूरी करती हैं।