सिकन्दराराऊ 17 फरवरी | बृजभूमि के हाथरस जिले की सिकन्दराराऊ भूमि से अवशेष मानवतावादी द्वारा सृजित मानवता धर्मग्रन्थ के प्रथम खण्ड-आदेश का लोकार्पण एवं विमोचन कार्यक्रम सोशल साइट पर सम्पन्न हुआ। इस नवीन सृजन का लोकार्पण अवशेष मानवतावादी ने फेसबुक और व्हाट्सएप पर अपने बुद्धिजीवी और साहित्यकार मित्रों के कर कमलों द्वारा कराया। अनेक नामचीनी बुद्धिजीवी साहित्यकारों ने इस कृति के बारे में अपने-अपने विचार रखे गए। ज्यादातर साहित्यकारों ने इसे अद्भुत, अद्वितीय और ज्ञानचेतना युक्त जनमानस की कृति घोषित किया और कहा कि यह हिंदी भाषा का पहला दार्शनिक धर्मग्रन्थ है जो समता, और विश्व बंधुत्व की भावना से जन मानस को जोड़ता है। यह हर व्यक्ति को सहजता से आत्म साक्षात्कार कराने में समर्थ ग्रन्थ है। इस ग्रन्थ के अध्ययन और प्रतिक्रियाओं का सिलसिला निरन्तर चल रहा है।

लोकार्पणकर्ताओं में बाहरी जिले के हरीश चन्दावत नई दिल्ली, हरीश चंद विश्वकर्मा लखनऊ, अनुराग मिश्र गैर अम्बेडकर नगर, आलोक मिश्र लखीमपुर खीरी, अविरल शुक्ला लखीमपुर खीरी, डॉ अजय अटल कासगंज, नरेंद्र वर्मा कासगंज, सुधीर कुशवाह ग्वालियर, राज कुमारी प्रिंसी झाँसी, पुष्पेंद्र पुष्प उरई, आकांक्षा जायसवाल भोपाल, विजय मिश्र दानिश जयपुर, सन्नी पटेल उन्नाव, सृजन शीतल एटा, शिवम यादव खेरवार एटा, एडवोकेट कुँवर प्रताप सिसौदिया आगरा, मनोज नागर अलीगढ़, ग़ाफ़िल स्वामी इगलास, जगदीश मीणा गाजियाबाद पंकज शुक्ला फर्रुखाबाद, देवकी नंदन फिरोजाबाद, राजेश बघेल सहारनपुर, आशु पाल वृंदावन और इंद्रपाल सिंह इंद्र टप्पल के नाम रहे। आगे भी लोग इस धर्म ग्रन्थ से प्रभावित होकर सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट करके इस नवीन कृति का लोकार्पण कर रहे हैं। और जन चेतना के लिए प्रचार प्रसार कर रहे हैं। गृह जनपद के लोकार्पणकर्ताओं में डॉ विष्णु सक्सेना, शिवम कुमार आज़ाद, अवनीश यादव, विवेकशील राघव, शिव कुमार दीपक, पंकज पण्डा, कन्हैया पलतानी, महेश यादव संघर्षी, हरपाल यादव, जय किशन यादव, लोकेंद्र पाल सिंह, महेश पराशर, आयोग दीपक, ठाकुर विजय प्रताप और हरिभान सिंह के नाम रहे।