नई दिल्ली 06 अप्रैल | देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के शुरुआती हफ्तों में मौतें कम हो रही थीं। यानी जितने नए केस आ रहे थे, उसकी तुलना में मृतकों की संख्‍या कम थी। हालांकि अब कोविड से होने वाली मौतों के आंकड़े में भारी बदलाव आया है। 8 मार्च के बाद से, कोविड से जुड़ी मौतें भी उसी रफ्तार से बढ़ी हैं जिस तरह से नए मामले। इस दौरान डेली केसेज और मौतों के 7 दिनी रोलिंग एवरेज में करीब 345% का उछाल देखने को मिला है। रोज होने वाली मौतों का आंकड़ा (7 दिन का औसत) 8 मार्च को 96 था, जो 4 अप्रैल को बढ़कर 425 हो गया यानी मृतकों की संख्‍या करीब साढ़े चार गुना बढ़ गई है। इसी दौरान केसेज में भी ऐसा ही ट्रेंड देखने को मिला। उससे पहले के चार हफ्तों (8 फरवरी से 8 मार्च) के दौरान एवरेज डेली केसेज में 50% का इजाफा हुआ लेकिन मौतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। मौतों की संख्‍या में ताजा उछाल महामारी शुरू होने के बाद सबसे तेजी से आया है। पिछले हफ्ते (29 मार्च – 4 अप्रैल) 2,974 मौतें दर्ज की गईं जो उसके पहले वाले हफ्ते में हुईं 1,875 मौतों से करीब 59% ज्‍यादा है। उससे पहले वाले हफ्ते में 1,100 मौतें और हुईं जो उस वक्‍त कोविड से मौतों के आंकड़े में सबसे बड़ा उछाल था।

साफ है कि आने वाले हफ्तों में कोविड से मृतकों की संख्‍या पर नजदीक से नजर रखने की जरूरत है। सोमवार को देशभर से 96 हजार से ज्‍यादा नए मामले सामने आए जो कि पिछले दिन के एक लाख से ज्‍यादा के आंकड़े से कम है। हालांकि सोमवार होने के बावजूद केसेज ज्‍यादा रहे जबकि आमतौर पर कम टेस्टिंग और स्‍टाफ शॉर्टेज की वजह से इस दिन केसेज कम आते हैं।

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