नई दिल्ली 05 जनवरी | ब्रिटेन में पाए गए कोरोना वायरस के अधिक संक्रामक स्वरूप सार्स सीओवी-2 से पीड़ित 20 और मामले पाए गए हैं। इसके साथ ही देश में इस स्ट्रेन से संक्रमित मिले मरीजों की संख्या बढ़कर 58 हो गई है। ये सारे नए संक्रमित पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणुविज्ञान संस्थान एनआईवी में भेजे गए सैंपल की जांच में पाए गए है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि नोवेल कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन से संक्रमित पाए गए सभी लोगों को उनके राज्यों में सिंगल रूम आइसोलेशन में रखा गया है। इनके निकट संपर्क में आए लोगों को भी क्वारंटाइन किया गया है। इनके साथ यात्रा करने वाले लोगों, परिवार के सदस्यों और संपर्क में आने वाले अन्य लोगों की पहचान के लिए व्यापक अभियान शुरू किया गया है। मंत्रालय के मुताबिक ब्रिटेन से लौटे संक्रमित पाए गए अन्य लोगों के नमूनों के जीनोम सिक्वेंसिंग का काम भी चल रहा है। स्थिति पर लगातार सघन निगरानी बनी हुई है। नए कोरोना स्ट्रेन को लेकर राज्यों को लगातार सलाह दी जा रही है। नए कोरोना स्ट्रेन की जांच के लिए देश के विभिन्न राज्यों में 10 विशेष प्रयोगशालाओं का समूह गठित किया गया है। अभी तक जो 58 मामले मिले हैं, उनमें से दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र में आठ और इंस्टीट्यूट ऑफ जेनोमिक्स एंड इंटीग्र्रेटिव बॉयोलॉजी में 11 मामले शामिल हैं। इसके अलावा कोलकाता के कल्याणी में स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बॉयोमेडिकल जेनोमिक्स (एनआइबीएमजी) में एक, पुणे स्थित एनआइवी में 25, हैदराबाद के सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मोलेक्यूलर बॉयोलॉजी में तीन, बेंगलुरु स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑ राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं स्नायु विज्ञान संस्थान अस्पताल में 10 केस पाए जा चुके हैं।