हाथरस 24 अक्टूबर । हाथरसी संगीत नौटँकी के युगपुरुष प. नथाराम गौड़ के पौत्र प. गौरी शंकर गौड़ लंबी बीमारी के बाद आज उनका निधन हो गया । उन्होंने आज दुर्गाष्टमी 24 अक्टूबर को अपरान्ह 3 बजे नॉएडा के आइवरी अस्पताल में अंतिम सांस ली । पण्डित गौरी शंकर गौड़ जी को चार दिन पूर्व उसी आइवरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था | जहाँ उनका लंबे समय से इलाज चल रहा था | कल दोपहर हालत बिगड़ने पर उन्हें वरिष्ठ डॉक्टरों की विशेष निगरानी में वेंटिलेटर पर लिया गया, जहाँ अपरान्ह तीन बजे अपने परिजनों की मौजूदगी में अन्तिम सांस ली ।
उनके निधन की खबर से सांगीत-नौटँकी से जुड़े कलाकारों, आयोजकों, कवि व साहित्यकारों में शोक की लहर दौड़ गयी है ।  प. गौरी शंकर गौड़ खाटू श्याम जी के अनन्य भक्त थे व प. नथाराम गौड़ लोक साहित्य शोध संस्थान’ और ‘प. नथाराम लोक साहित्य परिषद’ के संस्थापक अध्यक्ष थे साथ ही ‘ब्रज संस्कृति केन्द्र मथुरा के संरक्षक और विशेष सलाहकार थे | उनके चले जाने से भगत संगीत-नौटँकी जगत की अपूर्णीय हानि हुई है | जिसे पूरा नहीं किया जा सकता । संस्थान के सचिव संगीताचार्य डॉ. खेमचन्द यदुवँशी व उनके पुत्र राहुल गौड़, उपनीत गौड़, आशीष गौड़ ने जानकारी दी है कि उनका पार्थिव शरीर कल दिनाँक 25 अक्टूबर की सुबह 8 बजे हाथरस स्थित निज निवास श्याम प्रेस परिसर में अंतिम दर्शनों हेतु रखा जायेगा तथा उनकी अन्तिम यात्रा लगभग 10 बजे निकाली जाएगी।

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार श्री पंडित गौरी शंकर गौड़ की अंतिम यात्रा कल दिनांक 25 अक्टूबर को निज निवास श्याम प्रेस कंपाउंड अलीगढ रोड से सुबह 9 बजे  प्रस्थान करेगी |