सिकंदराराऊ 24 अक्टूबर | ईओडब्लू की टीम ने छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में आज कोतवाली पहुंच कर यहां आकर छानबीन की। टीम छानबीन के उपरांत कुछ दस्तावेज कोतवाली पुलिस से ले गई है। शीघ्र ही इस मामले में अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।
ईओडब्ल्यू के इंस्पेक्टर शिव प्रकाश दुबे ने बताया कि वर्ष 1999 से 2006 तक सात स्कूलों के नाम से फर्जी अनुसूचित और पिछड़ी जाति के बच्चों का रिकॉर्ड तैयार करके छात्रवृत्ति निकाली गई थी। यह एक बड़ा घोटाला था। इसमें लाखों रूपए का गोलमाल किया गया है। 13 लोगों को नामजद किया गया था। सभी 13 लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पहली गिरफ्तारी मुख्य आरोपी सपा जिला अध्यक्ष युवराज सिंह यादव के भाई रविंद्र यादव पूर्व ब्लाक प्रमुख की हो चुकी है। इसी मामले की विवेचना के सिलसिले में कुछ जरूरी तथ्यों की जानकारी करने के लिए आज टीम यहां आई थी। इसके संबंध में कागजात स्थानीय पुलिस से प्राप्त किए गए हैं। कोई भी आरोपी इस कार्रवाई से बच नहीं पाएगा। बता दें कि 2006 में दर्ज कराए गए भ्रष्टाचार के मुकदमे में सिकंदराराऊ कोतवाली पुलिस द्वारा गत माह सपा जिला अध्यक्ष युवराज सिंह यादव के भाई पूर्व ब्लाक प्रमुख रविंद्र यादव को घर से गिरफ्तार कर लिया गया था। तथा ईओडब्ल्यू की टीम ने मेरठ न्यायालय में पेश किया था जहां से जेल भेज दिया गया।
उन्होंने बताया कि मुरसान थाने में हाथरस जिले के कुल 41 शिक्षण संस्थाओं के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे की विवेचना भी चल रही है।