मथुरा 17 अक्टूबर | लॉकडाउन के चलते सात महीने बाद भक्तों ने आज अपने आराध्य श्री बांकेबिहारी लाल जी के दर्शन किये । दूर-दराज से आए भक्त ठाकुरजी को अपलक निहारते रहे और दर्शन पाकर धन्य हो गए। आज श्रीबांकेबिहारी मंदिर के पट खुलने पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। तड़के ही श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो गईं। सुबह सात बजे तक मंदिर के चारों ओर गलियों में पैर रखने की भी जगह नहीं बची। आसपास के प्रदेशों से भी बड़ी मात्रा में भक बिहारी जी के दर्शन को पहुंचे । पहले दिन सामाजिक दूरी का पालन नहीं हुआ। कई लोग बिना मास्क के भी दिखे।

22 मार्च को श्रीबांकेबिहारी मंदिर के पट आम भक्तों के लिए बंद कर दिए थे। 17 अक्तूबर से मंदिर के पट खुलने की तिथि तय की गई थी। भक्त अपने आराध्य की नयनाभिराम छवि को निहारने के लिए आतुर में थे। शुक्रवार रात से ही मंदिर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई थी। शनिवार तड़के से मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह आठ बजे मंदिर खुलना था, लेकिन 9:07 बजे मंदिर के द्वार खुले। जैसे ही मंदिर का मुख्य द्वार खोला गया श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। हर किसी ठाकुरजी की एक झलक पाने की व्याकुलता थी। मंदिर में एक बार में पांच लोगों के प्रवेश की अनुमति दी गई, ऐसे में लोगों की आतुरता और बढ़ गई। लाइन में लगे बच्चे, वृद्ध और महिला-पुरुष सभी शामिल थे।

श्रीबांकेबिहारी मंदिर के गेट नंबर तीन से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया और गेट संख्या चार से निकाला गया। ठाकुर बांकेबिहारी के जयकारों से वृंदावन की गलियां गूंजती रहीं। दोपहर 12 बजे तक दर्शन का क्रम चला। शाम को 5.50 बजे दोबारा मंदिर खुला और रात 9.30 बजे तक दर्शनार्थियों ने लंबी कतारों में लगकर दर्शन किए। इस दौरान पुलिस को व्यवस्था बनाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। अपने आराध्य ठाकुर श्रीबांकेबिहारी के दर्शन को भक्तों की अंखियां तरस गई थीं। सात महीने बाद जब ठाकुरजी के दर्शन करने के सुखद पल आए तो कई भक्त भावुक हो गए। बांकेबिहारी की नयनाभिराम छवि के दर्शन पाकर भक्त खुशी से रो पड़े। आंखों से आस्था के आंसू बहने लगे।

लंबे अंतराल के बाद ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर को खोले जाने के पहले दिन ही तमाम व्यवस्थाएं धराशायी हो गईं। एक दिन में 400 श्रद्धालुओं के दर्शन के स्थान पर हजारों ने ठाकुरजी का दीदार किया। शुरुआत में जरूर पांच भक्तों के प्रवेश का नियम प्रभावी हुआ, लेकिन बाद में वीआईपी व्यवस्था हावी हो गई। इसे लेकर सुबह मंदिर प्रबंधक और सेवायत में विवाद भी हो गया था। मंदिर खोलने की घोषणा होते ही मंदिर प्रबंधक और पुलिस प्रशासन व्यवस्थाओं में जुट गया था। इसके बावजूद मंदिर खुलने से चंद घंटे पहले श्रद्धालुओं के लिए गाइडलाइन जारी की जा सकी। शनिवार को श्रद्धालुओं के सैलाब ने सभी व्यवस्थाओं पर पानी फेर दिया। श्रीबांकेबिहारी मंदिर के आसपास तंग गलियों में भीड़ इस कदर जुटी कि सामाजिक दूरी नियम की धज्जियां उड़ गई। बड़ी संख्या में लोग बगैर मास्क के नजर आए।

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