हाथरस 23 मई | प्रख्यात चित्रकार व जनपद के प्रथम ललित कला शोधार्थी भेद प्रकाश सिंह हाथरसी देशभर में चल रही ललित कला गतिविधियों में संलिप्त रह कर जनपद की उपस्थिति दर्ज कराते रहते हैं | चित्रकार हाथरसी ने ललित कला ,आशा एवं चुनौतियां नामक विषय पर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ गंगापुर वाराणसी के ललित कला विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार में स्थान पाकर प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया। कुलपति टीएन सिंह के संरक्षण में आयोजित इस वेबिनार का उद्घाटन करते हुए पर्यटन संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी ने कहा कि आज के परिवेश में प्रत्येक मनुष्य को ललित कलाओं से जुड़ना होगा क्योंकि ललित कलाएं ही है | जो व्यक्ति को अवसाद से मुक्त कर सकती है और वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण के कारण समाज में अवसाद की स्थिति भी उत्पन्न हुई है
| वेबिनार के आयोजन सचिव सुमित घोष ने रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा इस वेबीनार में विशेष संदर्भ से जुड़े बिंदुओं से कलाकारों शोधार्थियों एवं शिक्षकों को विषय वार्ता से व्यवहारिक लाभ प्राप्त हुआ है | प्रयोगशाला समिति समन्वयक एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ नंदू सिंह ने सभी आगत अतिथियों व्याख्याताओं सहकर्मी और देश-विदेश के अनेक स्थानों के प्रतिभागियों तथा वेबीनार के आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया | वेबीनार के तकनीकी सत्र में हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के ललित कला विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर हिम चटर्जी, आईटीएम विश्वविद्यालय पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष जयंत सिंह तोमर ,शकुंतला मिश्रा यूनिवर्सिटी लखनऊ से अवधेश मिश्रा, इग्नू नई दिल्ली के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ लक्ष्मण प्रसाद व सांची यूनिवर्सिटी ऑफ बुद्धिस्ट एंड स्टडीज के प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ सुमित आनंदी तथा दिल्ली से शामिल हुए एनिमेशन विशेषज्ञ अनूप रतन आदि मौजूद रहे |

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