लखनऊ 22 मई | इस समय पूरा देश कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रहा है | जबकि उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण और लॉकडाउन के बीच सरकारी मशीनरी को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए योगी आदित्‍यनाथ सरकार ने राज्य में एस्मा कानून लागू कर दिया है | योगी सरकार द्वारा उत्‍तर प्रदेश में एस्मा कानून के लागू किए जाने के बाद अति आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मचारी न तो छुट्टी ले सकेंगे और न ही हड़ताल पर जा सकेंगे | साफ है कि सभी अति आवश्यक कर्मचारियों को सरकार के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा और जो इस नियम को नहीं मानेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी |

एस्मा भारतीय संसद द्वारा पारित अधिनियम है, जिसे 1968 में लागू किया गया था | जबकि यह कानून संकट की घड़ी में कर्मचारियों की हड़ताल को रोकने के लिए बनाया गया था | वहीं, एस्मा लागू करने से पहले इससे प्रभावित होने वाले कर्मचारियों को समाचार पत्रों या अन्य माध्यमों से सूचित किया जाता है | जबकि किसी राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा यह कानून अधिकतम छह माह के लिए लगाया जा सकता है | इस कानून के लागू होने के बाद यदि कोई कर्मचारी छुट्टी लेता है या फिर हड़ताल पर जाता है, तो उनका ये कदम अवैध और दंडनीय की श्रेणी में आता है | यह नहीं, प्रदेश में एस्मा कानून का उल्लंघन कर हड़ताल पर किसी भी कर्मचारी को बिना वारंट गिरफ्तार किया जा सकता है |