नई दिल्‍ली 19 मई | देश में पहला कोरोना मरीज मिलने के 109 दिन बाद, मामलों की संख्‍या एक लाख को पार कर गई है। पिछले करीब 12 दिनों में मामले दोगुने हो गए हैं। सोमवार को देशभर से 4,713 नए मामले सामने आए। भारत में लॉकडाउन के साथ-साथ डेली केसेज की संख्‍या बढ़ रही है, यह इस बात का संकेत है कि भारत में अभी कोरोना पीक पर नहीं पहुंचा है। 14 मई से 17 मई के बीच एवरेज केसेज की बात करें तो भारत की तस्‍वीर चिंताजनक हैं। इस दौरान रोज करीब 4,418 मामले सामने आए हैं। ताजा मामलों के हिसाब से भारत दुनिया में चौथे नंबर पर है।

62 दिन में 100 से एक लाख केस
भारत में कोरोना वायरस के शुरुआती 25 हजार मामले सामने आने में 86 दिन लगे। अगले 11 दिन में केसेज डबल होकर 50 हजार तक पहुंचे गए। फिर एक हफ्ते में ही केसेज की संख्‍या 75 हजार पार हो गई। 75 हजार से एक लाख तक पहुंचने में भारत को सिर्फ 5 दिन लगे। 100 से एक लाख केसेज तक पहुंचने में 62 दिन का वक्‍त लगा। कोरोना केसेज के ग्रोथ रेट की बात करें तो भारत दुनिया में चौथा सबसे धीमा देश है। एक लाख केसेज पर भारत का ग्रोथ रेट 5.1 है जो कि दुनिया में नीचे से चौथे पायदान पर है। हमसे कम ग्रोथ रेट तुर्की, फ्रांस और ईरान में है।

महाराष्‍ट्र, गुजरात के हालात बेहद परेशान करने वाले
महाराष्‍ट्र में रोज कोरोना के 2,000 से ज्‍यादा केसेज आ रहे हैं। एनालिस्‍ट्स के मुताबिक, गुजरात और महाराष्‍ट्र में मामले सामने आने की दर नेशनल एवरेज से कहीं ज्‍यादा है। प्रधानमंत्री की इकनॉमिक एडवायजरी काउंसिल की सदस्‍य रहीं इकनॉमिस्‍ट शमिका रवि के मुताबिक, महाराष्‍ट्र और गुजरात में प्रति 10 लाख आबादी पर मृत्‍यु-दर नेशनल एवरेज के चार गुने से भी ज्यादा है। गुजरात का फैटलिटी रेट 10.33% हैं, वहीं महाराष्‍ट्र का 9.81% प्रति 10 लाख।