लखनऊ 24 अक्टूबर | राम नवमी के पावन उपलक्ष्य पर लखनऊ के राजकीय कन्या अनाथालय राजकीय शिशु गृह तथा राजकीय महिला शरणालय में श्रीमती पौलोमी पाविनी शुक्ला द्वारा कन्या – पूजन किया गया। इस शुभ कार्य में उनके साथ उनकी माताजी श्रीमती आराधना शुक्ला, IAS तथा उनके पति प्रशांत शर्मा, IAS भी उपस्थित थे। इन गृहों में कुल 96 बालिकाएं 11-18 वर्ष की आयु की, 24 बालिकाएं 5-10 वर्ष की आयु की, 42 शिशु 5 वर्ष से कम आयु के तथा 31 महिलाएं आवासित हैं। कन्या-पूजन के साथ-साथ श्रीमती पौलोमी पाविनी शुक्ला ने इन अनाथ लड़कियों को मिठाई, खान – पान की सामग्री तथा पिज़्ज़ा भी भेंट किया। इस कार्य में इनका सहयोग लखनऊ के शोभित अग्रवाल तथा बरेली के रोहित ने किया।

राम नवमी के पर्व पर श्रीमती पौलोमी पाविनी शुक्ला के इस पुनीत कार्य का उद्देश्य है समाज के संपन्न व्यक्तियों को अनाथ बच्चों के हित के लिए कुछ करने हेतु प्रेरित करना। कोई भी त्यौहार तभी सार्थक होगा जब समाज के निःशक्त वर्ग भी इसमें शामिल हो सकें तथा उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सके। श्रीमती पौलोमी पाविनी शुक्ला मा० उच्चतम न्यायलय में अधिवक्ता हैं तथा गत 5 वर्षों से अनाथ बच्चों को समाज में समान अधिकार दिलाने हेतु कार्यरत हैं। इसी सिलसिले में इन्होंने पृथ्वी के सर्वाधिक निःशक्त – भारत के अनाथ (Weakest on Earth – Orphans of India) पुस्तक लिखी, जो प्रसिद्ध प्रकाशन संस्था Bloomsbury द्वारा प्रकाशित की गई। साथ ही, इसी उद्देश्य से श्रीमती पौलोमी पाविनी शुक्ला ने मा० सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका भी दायर की, जो वर्तमान में विचाराधीन है। श्रीमती पौलोमी पाविनी शुक्ला गत कई वर्षों से, सपरिवार, प्रत्येक त्यौहार, जैसे दीपावली आदि अनाथ बच्चों के साथ मनाती हैं। समय-समय पर इनके द्वारा अनाथ बच्चों के लिए दान अभियान भी चलाया जाता है ।