मथुरा 20 फरवरी । नयति मेडिसिटी आमजन को कैंसर के प्रति जागरूक करने के लिए कैंसर जागरूकता माह मना रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत एक फैशन शो का आयोजन किया गया, जिसमें खजानी वुमेन्स की छात्राओं ने कैंसर की थीम पर अपनी प्रस्तुति प्रदान की। इस अवसर पर नयति मेडिसिटी के कैंसर सेंटर के चेयरमैन डॉ शान्तनु चौधरी ने कहा कि हमारे यहां मथुरा तथा आसपास के क्षेत्रों से कैंसर के मरीज लगातार आकर अपना इलाज करा रहे हैं। सही समय पर कैंसर का अगर इलाज कराया जाय तो यह पूरी तरह से ठीक हो सकता है। अब तक नयति में कैंसर के 7 हजार से अधिक कैंसर के मरीज बिल्कुल स्वस्थ हो चुके हैं। हमारे यहां एक ही छत के नीचे कैंसर की जाँच पेट-सीटी मशीन से लेकर सटीक इलाज के लिए कीमोथेरेपी, संबंधित सर्जरी, रेडिएशन तथा बोनमैरो ट्रांसप्लांट आदि मौजूद है, जिसकी वजह से लोगों को कहीं और नहीं भटकना पड़ता। कैन्सर का इलाज लंबा चलता है। घर के पास इलाज मिलने के बाद कई प्रकार की असुविधाओं से बचा जा सकता है। इसके अलावा कैंसर से संबंधित हर विभाग मौजूद है, जहां बेहतरीन डॉक्टरों की टीम कैंसर रोगियों का इलाज कर रही है। हमारे कैंसर सेंटर में कैंसर के इलाज की रेडियेशन मशीन वर्सा इलेक्टा 16 मिनट की डोज को केवल 4 मिनट में देती है और साथ ही साथ ये रेडिएशन इतना सटीक है कि ये आसपास के हेल्थी सेल्स को नष्ट नही करता।

नयति मेडिसिटी के कैंसर मेडिकल विभाग के डायरेक्टर डॉ अमित भार्गव ने कहा कि उन्होंने कहा कि कैंसर शब्द सुनते ही हम तीन तरीकों से टूट जाते हैं-पहला लाइलाज बीमारी के साथ जीने का डर दूसरा महंगे इलाज के नीचे दबने का बोझ और तीसरा मेट्रो सिटीज का लम्बा रास्ता तय करने की समस्या। इसलिए हमने मरीजों को एक ही छत के नीचे सभी सेवाएं प्रदान करने वाली एक परिपूर्ण कैन्सर यूनिट स्थापित की, जहां प्रिवेंटिव केयर से लेकर कैंसर के एडवांस डायग्नोस्टिक से लेकर कैंसर के सटीक इलाज की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम हमारे द्वारा निरंतर किये जाते हैं। खजानी वुमेन्स की बच्चियों द्वारा कैंसर की थीम पर किया गया फैशन शो काफी सराहनीय था।

नयति मेडिसिटी में कैंसर सर्जरी विभाग के डायरेक्टर डॉ रविकांत अरोड़ा ने कहा कि कैंसर से सम्बंधित बहुत सी सफल सर्जरी हमारे यहां हो चुकी हैं, जिनमें मुंह, गला, स्तन, फेफड़े, खाने की नली आदि से ग्रस्त मरीजों की कई सर्जरी शामिल हैं। सर्जरी के बाद ख़राब हुए अंगों का भी हमारे यहां मौजूद प्लास्टिक सर्जन आदि की मदद से दोबारा से पहले जैसा ही बना दिया जाता है। नयति कैंसर सेंटर टाटा एनसीजी, तथा आईसीएमआर का ही एक भाग है, जिससे हमें मरीजों को बेहतर इलाज दे पाने में काफी सुविधा हो जाती है। नयति में जब भी कोई कैंसर का मरीज आता है तो हम मरीज के लक्षणों के आधार पर डॉक्टरों के एक बोर्ड टीम का गठन करते हैं, उस बोर्ड के द्वारा ही निर्णय लिया जाता है, कि मरीज का इलाज किस प्रकार से शुरू करके ख़त्म करना है। कार्यक्रम का संचालन अरुणा सिंह ने किया।