लखनऊ 16 फरवरी | यदि आपके मकान में एक भी किराएदार है या हॉस्टल और लॉज के मालिक हैं तो इसकी जानकारी अब आयकर विभाग को देनी होगी। मकान मालिक को आयकर रिटर्न भरते समय किराएदार का पैन या आधार नंबर देना होगा। लॉज मालिक हैं तो सभी किराएदार का ब्योरा आयकर रिटर्न में देना होगा। वित्तीय वर्ष 2020-21 के आयकर रिटर्न में किराएदारों का पैन या आधार नंबर देना अनिवार्य कर दिया गया है। रिटर्न में किराए की राशि का भी जिक्र करना होगा। केंद्र सरकार के कर व वित्त सलाहकार डॉ पवन जायसवाल ने बताया कि अब तक आयकर रिटर्न भरते समय मकान में किराएदारी दिखाना अनिवार्य नहीं था। नए वित्तीय वर्ष से किराएदारी पर आयकर में किया गया बदलाव अप्रैल 2020 से प्रभावी हो जाएगा।

30 प्रतिशत की मिलेगी छूट
आयकर रिटर्न में किराएदारों का ब्योरा देने वालों को 30 प्रतिशत की सीधे छूट देने का प्रावधान किया गया है। इसमें भवन स्वामी किराएदारी से होने वाली जो भी आय रिटर्न में दर्शाएंगे उसकी 70 फीसदी राशि पर आयकर देना होगा। कर्ज लेकर बनाए मकान में भी आयकर में छूट मिलेगी।