मैं भी नफरत सीख रहा हूँ।

एक नई खुशखबरी ये भी
मैं भी नफरत सीख रहा हूँ।
औरों से क्या लेना देना
खुद ही खुद को जीत रहा हूँ।

ऐसा कभी नहीं होता है
हर कोई अपना हो जाये।
जो कोई अपना दिखता है
जीवन भर अपना रह पाये।।

जग में लोग बदलते रहते
कह मैं बिल्कुल ठीक रहा हूँ।
एक नई खुशखबरी ये भी
मैं भी नफरत सीख रहा हूँ।

कोई अपना रंग न छोड़े
चाहे कितना भी अवसर दो।
ऐसे साथी से तो अच्छा
उसको दरकिनार ही कर दो।।

इसी ज्ञान से अपने मन का
सारा आँगन लीप रहा हूँ।
एक नई खुशखबरी ये भी
मैं भी नफरत सीख रहा हूँ।

जीवन दर्शन देने वाली
हर घटना का अध्ययन करके।
सुलझी अनसुलझी बातों का
बारीकी से चिंतन करके।।

अनुभव की चक्की में अपना
सारा जीवन पीस रहा हूँ।
एक नई खुशखबरी ये भी
मैं भी नफरत सीख रहा हूँ।

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