सासनी 08 अप्रैल । त्रिस्तरी पंचायत चुनाव को लेकर नामांकन का दौर खत्म होने के बाद बुधवार को प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवांटित होते ही ग्रामीण आंचल में चुनावी हलचल तेज हो गई है। गांव में चौपाले लगने लगी है। लोग समूह में बैठ कर चुनाव पर चर्चा करने लगे है। गांव में किसके सिर बंधेगा प्रधानी का मौहर इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई है। ग्रामीण विकास को लेकर चिंतित है। मुद्दा गांव का विकास बना हुआ है। सुबह शाम खलिहानों में गेहूं की कटाई का काम भी तेजी से चल रहा है।जब भी समय मिलता है चौपालों पर ग्रामीण जमा होकर एक ही चर्चा करते है। गांव का प्रधान किसे बनाया जाए। विकास खंड की 82 ग्राम पंचायतें है जिनमे से एक ग्राम पंचायत में प्रधान निर्विरोध चुना गया है।अब 81 ग्राम पंचायतों में प्रधानी का चुनाव सिर चढ़ कर बोल रहा है। ग्राम पंचायतों में एक चबूतरा पर बैठ कर ग्रामीण चुनावी चर्चा में मकसूर दीखे। ग्रामीणों का कहना है कि गांव 21 वीं सदी में पहुंच गया है। लेकिन ग्राम पंचायत आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए भटक रहा है। सड़क , जल निकासी , शुद्ध पेयजल , शिक्षा व्यवस्था , स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के निदान के लिए प्रधान को पर्याप्त समय मिलना चाहिए। हालांकि पिछली सालों की अपेक्षा पिछले सत्र में नाली , खरंजा , विद्यालय का कायाकल्प जैसी समस्याओं से निजात मिली है। लेकिन जो अधूरे काम रह गए ह‌ै। उन कामों को इस बार जो प्रधान बनेगा उससे पूरा कराना है।

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