सिकंदराराऊ 24 अक्टूबर | केंद्र एवं प्रदेश सरकार की गलत नीतियां अन्नदाता की बर्बादी की पटकथा लिख चुकी हैं। धान, बाजरा, मक्का की फसल करने वाले किसानों की लागत मूल्य तक नहीं मिल पा रहा। गत वर्षों से लगातार किसान घाटा उठाते चले जा रहे हैं। किसानों की समस्याओं के मद्देनजर 29 अक्टूबर को प्रातः 11 बजे तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करके उप जिलाधिकारी ज्ञापन दिया जाएगा।
उक्त बातें पूर्व एमएलसी डॉ राकेश सिंह राना ने हुमेरा गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के अंदर पीटन, शरबती ,सुगंधा किस्म के धान की कीमत 2016 में 3500 रुपए प्रति कुंटल थी। गत वर्षों में लगातार हुई गिरावट के कारण इस वर्ष 1400 रुपए तक आ गई है। जिससे किसान बेहद परेशान है । किसान को उसकी लागत का मूल्य नहीं मिल रहा है । राना ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन बिल पास किए हैं। तीनों कानून किसान व गरीब विरोधी हैं । नए कानूनों से किसानों का उत्पीड़न और जमाखोरी बढ़ेगी। कंपनियां एवं बड़े व्यापारी किसानों से सस्ता खरीद कर मनमाने रेट पर बेचेंगे।  उन्होंने कहा कि धान ही नहीं बाजरा व अन्य फसलों की कीमत भी किसान को नहीं मिल रही है। ये बिल किसानों के हित में नहीं है। इससे सिर्फ और सिर्फ पूंजीपतियों को ही लाभ होने वाला है। यह सरकार किसान विरोधी सरकार है । ये सरकार पूंजीपतियों की सरकार है। किसानों की समस्याओं को लेकर आगामी 29 अक्टूबर को सुबह 11:00 बजे उपजिलाधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपेंगे।
इस मौके पर अजय पुंढीर ,जहीर अख्तर कुरैशी ,राजा कुरैशी , अतुल चौहान, प्रशांत पुंढीर, विजय प्रताप सिंह, हाजी अब्दुल , तारा चन्द्र राणा , काका राणा , वीरपाल यादव आदि मौजूद रहे।