Hamara Hathras

16/05/2024 2:06 pm

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सिकंदराराऊ (हसायन) 12 मईमनुष्य को श्रीमद भागवत कथा मंगलाचरण का पाठ करने के लिए प्रेरित करती है।मंगलाचरण का पाठ करने से मनुष्य का आचरण मंगल हो जाता है।उक्त प्रवचन दिव्य योग कला मंदिर जैतपुर सलेमपुर में आयोजित योग योगेश्वर सदगुरूदेव कलाधर जी महाराज के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य पर आयोजित श्रीमद भागवत कथा के पहले दिन गोकर्ण आत्मदेव धुंधकारी के प्रसंग की कथा का मार्मिक वर्णन करते हुए व्यक्त किए।आचार्य सतेन्द्र कृष्णा जी महाराज ने कहा कि जिस घर परिवार में गोकर्ण जैसा पुत्र होता है वह घर परिवार स्वर्ग बन जाता है।उन्होने कहा किआत्मदेव की पत्नी धुंधली व उसके पुत्र धुंधकारी के कारण उनका जीवन में नर्क बना दिया था।गलत संगत में पडने के कारण धुंधली व धुंधकार के कारण अंत हो गया।बाद में धुंधली धुंधकारी के उद्धार के लिए गोकर्ण के द्वारा श्रीमद भागवत कथा का सात दिन के लिए आयोजन कराया।श्रीमद भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य का कल्याण हो जाता है।इस अवसर योग योगेश्वर सदगुरूदेव कलाधर जी महाराज,यज्ञाचार्य शिवाशु कृष्ण भारद्वाज,नीरज कुमार शर्मा,अर्जुन सिंह,रामू प्रसाद शर्मा,धर्मेन्द्रपाल सिंह,बिल्लू राना,डॉ.सत्येन्द्र सिंह,के.सी मिश्रा,सतेन्द्र शर्मा,सत्यपाल सिंह,उमेश भारद्वाज,विपिन बिहारी भारद्वाज,धर्मेन्द्र शर्मा मौजूद रहे।

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