सिकंदराराऊ 24 सितम्बर | जीटी रोड के निकट स्थित मोहल्ला भूतेश्वर कॉलोनी में चल रहे चार नर्सिंग होम पर जिलाधिकारी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस बल के साथ छापामार कार्यवाही की। जिससे हड़कप मच गया और संचालक अपने नर्सिंग होम बन्द करके भाग गए। छापामार कार्यवाही के दौरान संचालक उपजिलाधिकारी को आवश्यक अभिलेख नहीं दिखा सके। सभी चार नर्सिंग होम को सील करने की कार्रवाई की गई।
जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी विजय कुमार शर्मा को कार्यवाही हेतु निर्देश दिए। गुरुवार को उपजिलाधिकारी ने चिकित्सा अधिकारी डॉ रजनेश यादव एवं पुलिस बल के साथ छापेमारी की। जिससे नगर के झोलाछाप चिकित्सकों में हड़कप मच गया। छापेमारी के दौरान हॉस्पिटल संचालक मौके से फरार हो गए। उपजिलाधिकारी को आर के क्लीनिक पर 7 मरीजों का उपचार करते हुए मिला। वहीं भावना नर्सिंग होम पर मरीज और संचालक कोई नहीं था। माँ भगवती नर्सिंग होम बन्द था। इसमें मौके पर कोई मरीज नहीं मिला। एसडीएम ने अंदर जाकर नर्सिंग होम का जायजा लिया। उप जिलाधिकारी को आता देख डॉ मुकेश यादव के यहां मौजूद एक युवक शटर गिराने लगा तो एसडीएम ने उसे रोककर अंदर गए लेकिन वहां कोई डाक्टर और मरीज मौजूद नहीं था।

जब उपजिलाधिकारी द्वारा सभी नर्सिंग होम संचालकों से सम्बंधित अभिलेख मांगे गए तो वे मौके पर नहीं दिखा सके। नर्सिंग होमो पर जिन विशेषज्ञ चिकित्सकों के नाम लिखे हुए थे, उनमें से कोई भी चिकित्सक एसडीएम को मौजूद नहीं मिला। उप जिलाधिकारी विजय कुमार शर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी कि भूतेश्वर कॉलोनी में अवैध रूप से कई नर्सिंग होम का संचालन किया जा रहा है। जहां जिन डॉक्टरों के नाम अंकित हैं, वह डॉक्टर नहीं आते हैं। इतना ही नहीं यहां पर महिलाओं की डिलीवरी एवं ऑपरेशन तक किए जाते हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच की गई है। जांच के दौरान मिली गड़बड़ी के आधार पर चार नर्सिंग होम सील कर दिए गए हैं।
वहीं छापामार कार्रवाई चिकित्सकों में आक्रोश है। नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन नीमा के जिला महासचिव डॉ मोहम्मद जाहिद हुसैन के नेतृत्व में चिकित्सकों का एक प्रतिनिधि मंडल उप जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर उप जिलाधिकारी विजय कुमार शर्मा से मिला और उनसे शासनादेश का हवाला हुए कार्रवाई रोकने की मांग की। चिकित्सकों ने कहा कि आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सकों के लिए शासन द्वारा जो नई नियमावली जारी की गई है। उसमें उन्हें इंजेक्शन लगाने के साथ-साथ मरीजों का नए नियमों के तहत उपचार करने की छूट दी गई है। यदि शासनादेश के विपरीत उनके खिलाफ कार्रवाई की गई तो सभी चिकित्सक इसका विरोध करते हुए अपने क्लीनिक बंद कर देंगे। उप जिलाधिकारी ने चिकित्सकों को वार्ता करने के लिए शुक्रवार को प्रातः 11ः00 पुनः बुलाया है।
चिकित्सकों के प्रतिनिधिमंडल में नीमा महासचिव जिला महासचिव डॉ मोहम्मद जाहिद हुसैन ,डॉ नसीम अहमद, डॉ अरविंद सारस्वत, डॉ मुकेश यादव, डॉ ललित कुमार, डॉ सी पी वर्मा, डॉ शाहिद अंसारी, डॉ बिलाल अहमद, आदि मौजूद थे।