सादाबाद 08 नवंबर | 29 अगस्त को लद्दाख में हुए पैराशूट हादसे में शहीद हुए बरामई सेना मेडल हरवीर सिंह के परिवार को शासन की ओर से 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता मिल गई है। शहीद स्मारक के लिए जमीन आवंटित ना होने से शहीद के परिजन मायूस है और लगातार शासन प्रशासन से जमीन के लिए गुहार लगा रहे हैं।

सांप्रदायिकता नियंत्रण प्रकोष्ठ गृह विभाग की ओर से शहीद हरवीर सिंह के परिवार को आर्थिक सहायता दी गई है। इसके संबंध में राज बहादुर विशेष सचिव उत्तर प्रदेश ने जिलाधिकारी हाथरस को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पत्र भेजा था। इसमें शहीद की पत्नी पवन देवी को 35 लाख तथा माता गंगा देवी और पिता सुग्रीव सिंह को 15 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी गई है। शहीद हरवीर सिंह के भतीजे नितेश चौधरी ने बताया है कि सरकार ने अभी तक उनके परिवार को ना शहीद स्थल के लिए जमीन उपलब्ध कराई है और ना ही परिवार के किसी सदस्य को नौकरी की घोषणा की गई है। जबकि जिले के एक और शहीद को आर्थिक मदद के साथ-साथ सरकारी नौकरी और शहीद स्थल के लिए जमीन का आवंटन किया गया है। सरकार इस तरह का भेदभाव कर रही है, जबकि उनके चाचा शहीद हरवीर सिंह ने देश की शान के लिए पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। ऐसे जांबाज सेना मेडल प्राप्त शहीद हरवीर सिंह के परिवार को अनदेखा किया जा रहा है। जमीन आवंटन को लेकर उच्च अधिकारियों से बात की गई। अधिकारियों ने शहीद के परिजनों को जवाब दिया है कि ग्राम पंचायत समिति, स्थानीय प्रशासन द्वारा इसके संबंध में कोई प्रस्ताव नहीं भेजा है। इससे साफ है कि पंचायत समिति और स्थानीय प्रशासन इस मामले में लापरवाही बरत रहे हैं। नितेश चौधरी का कहना है कि ग्राम पंचायत के पास करीब 50 बीघा सरकारी भूमि है। इसके बावजूद शहीद स्मारक के लिए जमीन आवंटित नहीं की जा रही है।