सिकंदराराऊ 24 सितम्बर | एटा रोड स्थित कृषि मंडी समिति में आढ़तियों ने हड़ताल पर रहते हुए विरोध प्रदर्शन किया तथा बैठक करने के पश्चात एसडीएम विजय कुमार शर्मा को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें नए कानून को वापस लेने की मांग की गई है।  खाद्य व्यापारी संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि सरकार द्वारा व्यापारी एवं किसान विरोधी निर्णय लिया गया है। जिसका व्यापारी पुरजोर विरोध करते हैं। सरकार द्वारा लिए गए निर्णय कि मंडी परिसर के अंदर 25 प्रतिशत मंडी शुल्क व विकास शुल्क लगेगा तथा मंडी परिसर के बाहर कोई शुल्क नहीं देना होगा। ऐसी दोहरी नीति से व्यापार खत्म होने के कगार पर है। इससे मंडी परिसर के अंदर कार्य करने वाले व्यापारी एवं मजदूर भुखमरी के कगार पर पहुंच रहे हैं। मंडी परिसर के बाहर किसान को कोई लाभ प्राप्त नहीं होगा। बल्कि बिना लाइसेंस के व्यापार करने वाले व्यापारियों को पूरा लाभ मिलेगा। जिन आढ़तियों को मंडी समिति जीएसटी व अन्य विभागों द्वारा लाइसेंस दे रखा है, जो वर्षों से व्यापार कर रहे हैं। उन्हें सरकार बिचैलिया कहकर उनका अपमान कर रही है। व्यापारी हमेशा सरकार का सहयोग प्रदान करता रहा है। अब तक सभी सरकारों ने व्यापारी एवं किसान का सम्मान किया है। सरकार ने यह निर्णय लेकर व्यापारियों का व्यापार चैपट कर उन्हें बेरोजगारी के कगार पर खड़ा कर दिया है। जन विरोधी नीतियों से देश में अराजकता का माहौल पैदा हो रहा है। व्यापारी एवं किसान विरोधी नीतियों के विरोध में खाद्य व्यापारियों ने 21 सितंबर से 26 सितंबर तक अपना व्यापार बंद कर रखा है। उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य प्रदेशों में भी व्यापारी एवं किसान सरकार की गलत नीतियों का विरोध कर रहे हैं। ऐसे काले कानून को तुरंत वापस लिया जाए। ज्ञापन देने वालों में रूपाल यादव, जगदीश प्रसाद, अजय पाल सिंह, सत्येंद्र सिंह, अनिल दरगढ़, सुरेंद्र कुमार, मदन कुमार, दरवेश कुमार, कमल सिंह बघेल, सुभाष चंद्र, सुरेश कुमार, अशोक कुमार आदि मौजूद थे।