Hamara Hathras

14/06/2024 7:45 pm

Latest News

हाथरस 07 जून । करीब 75 साल पहले 1947 में भारत देश अंग्रेजो की गुलामी से आजाद जरूर हुआ। परंतु, कानून आज भी उन्हीं का बनाया हुआ लागू है। हालांकि, आजादी के बाद कानून में कई सारे बदलाव भी हुए है। अब देश में अपराधिक कानून को पूरी तरह बदलने के लिए IPC की जगह तीन नए कानून बनाए गए है, जो आने वाली 1 जुलाई 2024 से देशभर में लागू हो जाएंगे। इन नए अपराधिक कानूनों को समझने के लिए पुलिस विभाग के सभी विवेचकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दरअसल, बीते दिनों केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी तीन अधिसूचनाओं के अनुसार, नए कानूनों के प्रावधान 1 जुलाई से लागू होंगे। ये कानून औपनिवेशिक युग के भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और 1872 के भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह लेंगे। तीनों कानूनों को पिछले साल 21 दिसंबर को संसद की मंजूरी मिल गई थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी 25 दिसंबर को इन कानून को अपनी सहमति दे दी थी, जिसके बाद 164 साल पुराना अपराधिक कानून बदला गया। नए कानून में नाबालिक से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद या फासी का कड़ा प्रावधान किया गया है। मॉब लिंचिंग में फांसी, गैंगरेप के आरोपी को फांसी या जिंदा रहने तक सजा, ट्रायल में गिरफ्तार हुए व्यक्ति के परिजनों को सूचना देना, किसी भी केस में 90 दिनों में हुई कार्यवाही की जानकारी पीड़ित को देने जैसे बदलाव होंगे।

क्या होंगे बदलाव –
जानकारी के अनुसार नए अपराधिक कानून लागू होने के बाद इंडियन पीनल कोड (IPC-1860) की जगह भारतीय न्याय संहिता-2023, क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (CRPC-1973) की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 और एविडेंस एक्ट (1872) की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023 लागू होगा। नए कानूनों के लागू होने से धाराओं में भी बदलाव होंगे, जैसे – पहले हत्या के लिए लगने वाली धारा 302 अब 101 कहलाएगी। ठगी के लिए धारा 420 अब 316 कहलाएगी।

धाराओं में हुआ संशोधन 
वहीं हत्या की कोशिश के लिए 307 की जगह 109, दुष्कर्म के लिए 376 की जगह 63 होगी। इसके साथ ही ट्रायल कोर्ट के अंदर तीन साल के भीतर फैसला भी सुनाना पड़ेगा। पहले IPC कानून में 511 धाराएं शामिल थी। नए कानून में इनकी संख्या घटकर 358 रह गई है। इनमें 21 नई धाराओं को भी जोड़ा गया है। इसी प्रकार CRPC कानून में 484 धाराएं थी, जो बढ़कर 531 हो जाएगी। इसमें 177 नई धाराएं जोड़ी गई है। गिरफ्तारी, जांच और मुकदमा चलना CRPC मे ही होगा।

प्रत्येक नागरिक को न्याय मिल सके इसलिए पुलिसकर्मियों को हाथरस पुलिस लाइन में दो दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में 96 विवेचकों को नए कानून में हुए संशोधन, नई जोड़ी तथा पुरानी हटाई गई धाराओं के बारे में बारीकी से समझाया गया। इन तीन नये कानूनों के संबंध में आगरा जोन की अपर पुलिस महानिदेशक अनुपम कुलश्रेष्ठ के निर्देशन में 6 जून से 13 जून तक ऑनलाइन माध्यम से नामित अपर पुलिस अधीक्षकों द्वारा जोन के जनपदों में तैनात विवेचकों (पुलिस उपाधीक्षक, निरीक्षक एवं उप निरीक्षक) को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में प्रत्येक दो दिवस में 995 विवेचकों को तीन नये कानून के संबंध में तीन सेशन में ऑनलाइन माध्यम से अपर पुलिस अधीक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जोन में 2973 निरीक्षक एवं उपनिरीक्षक तैनात है। सभी को नये कानूनों के संबंध में प्रशिक्षित किया जायेगा। इसी संबंध में प्रत्येक जनपद से एक-एक निरीक्षक को मास्टर ट्रेनर के लिए जोन कार्यालय पर ही ट्रेनिंग दी जा रही है। मास्टर ट्रेनर द्वारा तीन नये कानूनों के संबंध में अपने-अपने जनपद में ही विवेचकों एवं थानों में तैनात मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी क्लर्क को प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसी क्रम मे जनपद हाथरस में दो दिन में कुल 96 विवेचको को नये कानूनों के सम्बन्ध मे प्रशिक्षित किया गया है ।

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts