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10/06/2024 1:07 pm

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सासनी 02 जून । प्रदेश में भीषण गर्मी का प्रकोप होने से तापमान आसमान छू रहा है।इस गर्मी से व्याकुल लोग तो घरों में रहकर अपनी जान बचा लेते हैं लेकिन प्यासे पशु पक्षी इस भीषण गर्मी में अकाल मृत्यु के शिकार भी हो जाते हैं। सभी जानते हैं मानव जीवन में शुद्ध पर्यावरण के साथ साथ पशु पक्षियों का भी बहुत महत्व है। इसलिए अपने जीवन को सुरक्षित रखने के लिए पशु पक्षियों के जीवन को बचाना भी हम सभी का दायित्व है। मनुष्य तो गर्मी से बचने के लिए कूलर पंखे ऐसी जैसे उपकरणों का सहारा ले लेता है लेकिन पंछियों को बचाने के लिए उनकी भूख प्यास का ध्यान किसी को नहीं है।
यह विचार साहित्यिक सामाजिक संस्था साहित्यानंद की पर्यावरण संरक्षण गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष योगेश त्रिवेदी ने व्यक्त किए ।मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद अवकाश प्राप्त पुलिस उप निरीक्षक राम चरन बघेल ने कहा पेड़ों की तरह हमें पंछियों के जीवन को भी बचाना होगा। यह हमारे लिए कुदरत का अनुपम उपहार हैं। गर्मी के मौसम में जिस तरह प्रशासन प्याऊ लगवाता है उसी तरह पशु पक्षियों के लिए पानी की भी व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि गर्मी से उनका जीवन बच सके।

कवि रामनिवास उपाध्याय ने काव्य पाठ के द्वारा शुद्ध पर्यावरण और पंछियों के घोसलों के लिए पेड़ और पानी के संरक्षण पर जोर दिया। गोष्ठी का संचालन कर रहे वीरेंद्र जैन नारद ने काव्य पाठ से गर्मी के मौसम में पंछियों की प्यास बुझाने के लिए छत पर एक कटोरा पानी रखने का यूं पैगाम दिया -*गर्मी से व्याकुल पंछी की आओ जान बचाएं एक कटोरा पानी छत पर रखकर पुण्य कमाएं। इसके अलावा अपने विचार व्यक्त करने वालों में मुरारी लाल शर्मा, मधुर हरि गोपाल गुप्त, धर्मेंद्र यदुवंशी, शैलेश अवस्थी, गगन वार्ष्णेय, पप्पू टेलर, प्रीति उपाध्याय, मयंक चौहान, रविकांत कुशवाहा, वीरपाल सिंह वीर, महेंद्र पाल सिंह, रविराज सिंह, नेहा वार्ष्णेय, विष्णु कुमार शर्मा, अशोक सूर्यवंशी, कैलाश भूमि धर, डॉक्टर प्रभात कुमार, अखिल प्रकाश शर्मा, हरिशंकर शर्मा ने भी पर्यावरण एवं पशु पक्षियों के संरक्षण का संदेश दिया।

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