Hamara Hathras

16/07/2024 9:35 pm

Latest News

हाथरस 17 अप्रैल । बृज की देहरी हाथरस को मेला और शोभायात्राओं की नगरी भी कहा जाता है। इनमें से एक है श्रीराम नवमी के मौके पर निकलने वाली भगवान श्रीराम की तिमंजिला रथयात्रा। रथयात्रा का अतीत सैकड़ों वर्ष पुराना है। आज 143 वां रथ महोत्सव चावड़ गेट स्थित गमेल वाली बगीची से मूंछों वाले रामचंद्र जी महाराज का तीन मंजिला रथ ट्रस्ट ठा. कृष्ण चंद्र जी महाराज एवम श्री हनुमान जी महाराज हाथरस के अंतर्गत प्रबंधक तुलसी प्रसाद पोद्दार के सानिध्य में निकाला गया। रथयात्रा का शहर के मुख्य बाजारों में जगह-जगह आरती उतारकर तथा फूलों की बरसात से स्वागत किया गया। रथयात्रा में राम-सीता की झाँकी, शंकर-पार्वती की झाँकी, माँ दुर्गा तथा गणेश जी को झांकी आकर्षण का मुख्य केन्द्र रहीं। माँ काली की शोभायात्रा दाऊजी उस्ताद किशनगुरू के सानिध्य में निकाली गई तथा पटा बनैटी गमेल वाली बगीची के उस्ताद मुन्नालाल शर्मा एडवोकेट तथा अतुल चौधरी वारदाने वाले के सानिध्य में निकाली गई । माँ काली व पटा बनैटी इस मेले की खास पहचान हैं। मूँछों वाले रामचन्द्र जी की आरती शहर के गणमान्य जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई और उन्होंने मूँछों वाले रामचन्द्र जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। रथयात्रा शहर के मुख्य-मुख्य बाजारों से होती हुयी बैनीराम बाग तक पहुँची और बाग बैनीराम में काफी जोर-शोर से आतिशबाजी हुई। रथयात्री बैनीराम बाग से शहर के मुख्य बाजारों से वापिस होती हुयी, गमेल वाली बगीची, चावड़ गेट पर पहुँचकर समाप्त होगी ।

मूँछों वाले रामचन्द्र जी की रथायात्रा में मुख्य रूप से प्रबन्धक तुलसी प्रसाद पोद्दार के अलावा तरुण पोद्दार, पारस, करन, शशांक पोद्दार, आदित्य पोद्दार, मुकुन्द पोद्दार, देंवीं गुरू, विश्नू गुरू, पिन्टू चूरन वाले, अंकुर अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, अतुल कुमार हींग वाले, हनुमान प्लास्टिक वाले, अनन्त शर्मा, अशोक रेमण्ड वाले, पीयूष अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, संजू पान वाले, अरुण कुमार शर्मा, राजेश कुमार गुप्ता, जय भारती, संस्कार वार्ष्णय, मनीष वार्ष्णेय, कमल वाष्णेंय, पवन बंसल, श्रीकृष्ण खेतान, सतीशचन्द टालीवाल एडवोकेट, मनोज शर्मा एडवोकेट, गौरव खण्डेलवाल, धन्नू लाला, धर्मेन्द्र अग्रवाल, राजाराम सोप वाले, विमल राजगढ़िया, प्रदीप राजगढ़िया, धर्मेन्द्र अग्रवाल आदि लोग उपस्थित थे।

143 वर्ष पुराना है इतिहास, सेठ बैनीराम पोद्दार ने की शुरुआत   –

श्रीराम नवमी के मौके पर निकलने वाली भगवान श्रीराम की तिमंजिला रथयात्रा। रथयात्रा का अतीत 143 वर्ष पुराना है। इस बार भी आज रामनवमी के मौके पर मूंछों वाले रामजी ने तिमंजिला रथ में सवार होकर भक्तों को दर्शन दिए । रथ यात्रा का शुभारंभ शहर के चामड़ गेट स्थित गमेल वाली बगीची से हुआ । इस रथयात्रा का अतीत काफी गौरवशाली है। शहर के बुजुर्ग बताते हैं कि 143 वर्ष पूर्व शहर के सेठ बैनीराम पोद्दार अपने मित्रों के साथ वृंदावन में रंगनाथ जी की रथयात्रा देखने के लिए गए थे। उनके साथ गए लोगों ने वहां लगी भीड़ में कहा कि हटो-हटो सेठ जी दर्शन करने आ रहे हैं। दर्शन करने आए कुछ लोगों ने कहा कि इतने बड़े सेठ हैं तो अपने शहर में मेला क्यों नहीं निकलवा लेते। यह बात सेठ बैनीराम पोद्दार को को चुभ गई। सेठजी ने हाथरस आकर दिन-रात मजदूर लगाकर पांच मंजिला रथ तैयार कराया। 1882 से इस रथयात्रा की शुरुआत हुई। इस रथ में मूंछों वाले रामजी को विराजमान किया गया। इस वर्ष भी श्रीराम नवमी के दिन इस रथयात्रा को निकालने की तैयारी कर ली गई है। मेले में काली व पटा-बनैटी का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। गाजे-बाजे के साथ निकले तिमंजला रथ को खींचने के लिए भक्तों में होड़ लगी थी। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। इसका शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना के साथ चामड़ गेट स्थित गमेल वाली बगीची से किया गया। अतिथियों ने मूंछों वाले रामजी की आरती उतारी। आयोजकों ने सभी का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। शोभायात्रा घंटाघर सहित प्रमुख बाजारों से होती हुई मेंडू रोड स्थित बाग बेनीराम में पहुंचेगी। यहां कुछ समय विश्राम करने के बाद शहर के प्रमुख बाजारों से होती हुई वापस चामड़गेट स्थित बगीची पर आकर समाप्त होगी ।

सभी रास्तों से काटे जाते हैं बिजली के तार-
रथयात्रा के दौरान बिजली की आपूर्ति बाधित रही। मूछों वाले राम जी की रथयात्रा में तिमंजिला रथ की ऊंचाई अधिक होने के कारण जगह-जगह विद्युत तारों को हटाया गया था। रथयात्रा के रास्तों पर बिजली की सप्लाई रोक दी जाती है। इस कारण प्रचंड गर्मी में उन इलाकों में बिजली का संकट बना रहा। इस दौरान कई जगह रथ की ऊंचाई को देखते हुए तारों को ऊंचाकर उठाकर निकाला जा रहा था। रथयात्रा गंतव्य तक पहुंचने के बाद तारों को जोड़कर आपूर्ति बहाल की गई। इससे कई घंटे तक विद्युत संकट का सामना करना पड़ा।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

You cannot copy content of this page