सिकंदराराऊ (हसायन) 12 फरवरी । कस्बा हसायन काफी समय से इत्र व मिनी सुहाग नगरी के नाम से प्रख्यात होने के बाद वर्तमान में कस्बा व देहात क्षेत्र के ग्रामीण अंचल की आबादी बढ जाने के बाद भी पूर्व समय से चल रही रोडवेज बसों के रोडवेज परिवहन निगम के अधिकारियों के द्वारा अपनी हठधर्मिता व मनमानी के तहत बसों का संचालन बंद कर दिए जाने के कारण इत्र व मिनी सुहाग नगरी के चूडी कारोबार से जुडे कारोबारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है।वर्तमान में कस्बा व देहात क्षेत्र के ग्रामीण अंचल से शुरू होने वाली रोडवेज बसों के संचालन बंद हो जाने के काफी दिनों बाद दो बसों का संचालन हसायन कानऊ से किया जाने लगा था।मगर उन दोनो बसों का संचालन बंद होने के बाद फिर से कस्बा व देहात क्षेत्र के लोगों को यातायात संबधी परेशानी का सामना करना पड रहा है।कोरोना काल के बाद क्षेत्रीय लोगों के द्वारा की गई शिकायत के बाद जैसे तैसे हसायन से नोयडा के लिए एक मात्र बस का संचालन किया गया।वह भी पिछले चार माह से संचालन बंद कर दिए जाने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है।कस्बा व देहात क्षेत्र के गांव गडोला,कानऊ से अठ्ठाइस वर्ष पहले हाथरस,अलीगढ सिकन्द्राराऊ,आगरा,फिरोजाबाद के लिए चार चार रोडवेज बसों का संचालन होता था।करीब अठ्ठाइस वर्ष पहले तक सभी चारो बसें नियमित तरीके से क्रमश: पहली बस आगरा के लिए सुबह पांच बजे गांव गडोला से हसायन होते हुए हाथरस के लिए जाती थी।
दूसरी बस सुबह छह बजे गडोला कानऊ होते हुए हसायन के रास्ते हाथरस के लिए जाया करती थी।तीसरी बस गांव गडोला से अलीगढ हाथरस होते हुए दिल्ली सुबह सात बजे निकलती थी।चौथी बस नौ बजे अलीगढ से हसायन होते हुए दस बजे गांव गडौला कानऊ से बापिस हसायन होते हुए अलीगढ सिकन्द्राराऊ केलिए जाया करती थी।उक्त चारों रोडबेज बसों का संचालन सन् 1996 तक बदस्तूर होता रहा था। मगर उसके बाद से ही रोडबेज यातायाता की बस संचालन सेवा का लाभ मिलना क्षेत्रीय लोगों के लिए बमुश्किल हो गया। हाथरस जनपद बनने के बाद फिर से कस्बा व देहात क्षेत्र के लोगों के द्वारा रोडबेज बसो का संचालन शुरू कराने के लिए काफी प्रयास किए गए।
इस दौरान जैसे तैसे पूर्व दिवगंत मंत्री रहे रामवीर उपाध्याय के अथक प्रयास से चार में से दो बसों का संचालन होने लगा था। मगर रोडवेज के अधिकारियों के द्वारा फिर से रोडवेज बस सेवा का संचालन बंद कर दिया गया। रोडवेज बसों के संचालन कराए जाने के लिए समय समय पर कस्बा व देहात क्षेत्र के लोगों के द्वारा कई बार शिकायतें भी की गई।शिकायत होने के दौरान रोडवेज बस का संचालन अधिकारियों के द्वारा खानापूर्ति के लिए कर तो दिया जाता है।मगर फिर से रोडवेज बस का संचालन बंद कर दिया जाता है। वर्ष 2012-13 में रोडवेज बसों का संचालन क्षेत्र के गांव कानऊ से दिल्ली के लिए सुबह सात बजे व सुबह नौ बजे कर दिया गया।मगर वैश्विक महामारी के दौरान उक्त रोडवेज बसों का संचालन भी कस्बा व देहात क्षेत्र से बंद कर दिया गया था।
इस संबध में अंडौली के रहने वाले प्रधानाचार्य के द्वारा रोडवेज की पूर्व महिला अधिकारी से भी शिकायत की गई।तो महिला अधिकारी के द्वारा शिकायत व मांग के आधार पर एक रोडवेज बस का संचालन कर दिया गया। मगर उसके बाद फिर से रोडवेज बस का संचालन बंद कर दिया गया।
वर्तमान में क्षेत्र के गांव कानऊ के बजाए हसायन से नोयडा के लिए जाने वाली रोडवेज बस का संचालन होने के बाद करीब चार माह पूर्व ही रोडवेज के चालक परिचालक के द्वारा रोडवेज को हसायन कस्बा में भी नही लाया जा रहा है। इस मामले में जब कस्बा के लोगों व व्यापारी वर्ग के द्वारा शिकायत भी की गई। मगर रोडवेज के अधिकारियो के द्वारा कस्बा व देहात क्षेत्र के लोगों की यातायात रोडवेज बस सेवा का लाभ नही मिल पाने के बारे में आज तक कोई ख्याल ही नही आ रहा है। कस्बा के व्यापारी जगत भारद्वाज, मनीष अग्रवाल, मनोज गुप्ता, सुशील गुप्ता ने कई बार रोडवेज बसो का संचालन कस्बा व देहात क्षेत्र के पूर्व से निर्धारित गांवों से संचालन कराए जाने की मांग को लेकर भी शिकायते की गई है। मगर किसी भी जिम्मेदार के कानों पर कोई जूं तक नही रेंग रही है।