हाथरस 24 नवंबर | व्यक्ति के मानव अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन का कार्य कर रही एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स संस्था ज्ञात व अज्ञात शवों के धार्मिक रीति-रिवाज से दाह संस्कार के लिए भी कार्य कर रही है |
दोनों शवों का दाह संस्कार एडीएचआर की देखरेख और समाजसेवी सुनीत आर्य के नेतृत्व में किया गया, जिसके दाहसंस्कार की व्यवस्था मे सुनील अग्रवाल अध्यक्ष निस्वार्थ सेवा स्थान पूर्णरूपेण सहयोग रहा | 21 नवंबर को थाना हाथरस जंक्शन पुलिस को ग्राम सिथरौली के निकट रेलवे लाइन पर एक क्षत-विक्षत शव टुकड़ों में मिला मृतक की उम्र लगभग 45 वर्ष थी | पुलिस द्वारा शवको पोस्टमार्टम हाउस में शिनाख्त के लिए रखवा दिया गया, 72 घंटे तक शिनाख्त न होने के कारण उसको लावारिस घोषित किया गया | अंतिम संस्कार के लिए पुलिस द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता सुनीत आर्य, प्रवीन वार्ष्णेय व सुनील अग्रवाल से संपर्क किया ।

20 नवंबर को सादाबाद पुलिस को एक मंदिर पर बीमार अवस्था में बाबा मिले जिनको एंबुलेंस द्वारा जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया | उपचार के दौरान बाबा की मृत्यु हो गई पुलिस द्वारा शिनाख्त के लिए शवको पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया | 72 घंटे तक शिनाख्त न होने के कारण लावारिस घोषित कर कर दिया गया | उक्त बाबा केसरिया रंग के वस्त्र पहने हुए थे । समाजसेवियों द्वारा पत्थर वाली श्मशान घाट पर दोनों शवो का अंतिम संस्कार कराया गया ।
अंतिम संस्कार मैं सुनील अग्रवाल अध्यक्ष निस्वार्थ सेवा संस्थान ,प्रवीन वार्ष्णेय राष्ट्रीय महासचिव एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स समाजसेवी सुनीत आर्या, टिंकू राना, नितिन अग्रवाल, वैभव अग्रवाल, आयोग दीपक, प्रेम पोद्दार ,सुरजीत कुमार काली ,बंटी भाई कपड़े वाले एवं कांस्टेबल 712 प्रमोद कुमार कुमार ,कांस्टेबल 197 प्रदीप मलिक, कांस्टेबल 506 जगबीर सिंह, कांस्टेबल 663 अभिषेक भाटी मौजूद रहे।

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