सादाबाद 23 नवंबर । 21 नवंबर की रात अलीगढ़ जेल में हुई बंदी की मौत के मामले में मृतक के भाई ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख जांच की मांग की है। बंदी की मौत के बाद अंतिम संस्कार हो जाने पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस जरूर ली थी लेकिन मामला अभी थमा नहीं है। कोतवाली पुलिस पर भी आरोप लगाए गए हैं।

सोनू पुत्र कन्हैयालाल निवासी मोहल्ला मंदिर वाला के विरुद्ध अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आयुध अधिनियम के तहत गैर जमानती वारंट जारी किया था। मृतक के भाई चरण सिंह पुत्र कन्हैयालाल निवासी मोहल्ला मंदिर वाला ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में बताया है कि 21 नवंबर को कोतवाली से उप निरीक्षक व दो आरक्षी वारंट लेकर उसके घर पहुंचे। पुलिस सोनू के साथ अभद्रता करते हुए उसे जबरन खींच कर ले जाने लगी। उसने इसका विरोध किया और पुलिस को बताया कि सोनू का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, उसे आराम से ले जाओ या फिर वह मंगलवार को उसे न्यायालय में हाजिर कर देगा। इसके बाद भी पुलिस नहीं मानी और सोनू के साथ मारपीट करते हुए जबरन उसे खींच कर ले गई। न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद सोनू को जेल भेज दिया गया। शाम को अलीगढ़ जेल में सोनू को दाखिल कर लिया गया। इस दौरान उसके शरीर व चेहरे पर कोई चोट के निशान नहीं थे। मंगलवार सुबह करीब 8:00 बजे जेल प्रशासन की ओर से फोन द्वारा उसे सूचना दी गई कि रात करीब 1:00 बजे जेल में उसके भाई सोनू की मौत हो गई है। शव जेएनयूमेडिकल कॉलेज अलीगढ़ में है। सोनू की मौत की जानकारी होने पर बड़ा भाई चरण सिंह अपने चाचा नारायण सिंह व कुछ अन्य करीबियों के साथ जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचा और सोनू का पोस्टमार्टम कराया। चरण सिंह ने शिकायत में बताया है कि जेल प्रशासन अलीगढ़ द्वारा सही तथ्यों को छुपाया गया है। सोनू को तत्काल मेडिकल सुविधा नहीं उपलब्ध कराई गई। रात के बजाय उसे अगले दिन सुबह घटना की जानकारी दी गई। शव को देखने से स्पष्ट हो रहा है कि उसके साथ अमानवीय कृत्य और मारपीट की गई, जिसके कारण उसकी मौत हुई। चरण सिंह ने इस मामले में उच्च स्तरीय, निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मी, जेल प्रशासन के खिलाफ कठोर कार्यवाही की मांग मुख्यमंत्री से की है।