लखनऊ 23 नवंबर | प्रदेश में 763 नगरीय निकायों के चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को सरकार से आरक्षण तय होने के बाद निकायों की सूची का इंतजार है। इसके बाद ही आयोग चुनाव की अधिसूचना जारी करेगा। नगर निकायों के चुनाव मैनपुरी लोकसभा, रामपुर और खतौली विधानसभा उप चुनाव और गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद ही कराए जा सकते हैं । नगर विकास विभाग और राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव में प्रशासन व पुलिस के पर्याप्त इंतजाम व अन्य व्यवस्थाओं के मद्देनजर दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक चुनाव कराने का विचार किया है।

उत्तर प्रदेश में नगरीय निकायों के आरक्षण में अभी एक सप्ताह का समय और लगेगा। नगर विकास विभाग ने सोमवार को राज्य निर्वाचन आयोग से आरक्षण के बाद निकायों की अंतिम सूची एक सप्ताह में सौंपने के लिए कहा है। दरअसल, राज्य निर्वाचन आयोग ने सोमवार को नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात को बुलाकर नगरीय निकायों के आरक्षण की सूची में हो रहे विलंब का कारण पूछा। प्रमुख सचिव ने आयोग से एक सप्ताह का और समय मांगा है।

चूंकि ज्यादातर नगरीय निकायों का कार्यकाल जनवरी के पहले हफ्ते में व कुछ का कार्यकाल दूसरे हफ्ते में समाप्त हो रहा है। इसलिए आयोग को इससे पहले चुनाव कराना है। चुनाव कराने के लिए आयोग को न्यूनतम 35-36 दिन का समय जरूरी होता है, किंतु अभी तक निकायों की सूची ही सरकार से नहीं मिली है। उत्तर प्रदेश में होने वाले नगर निकाय चुनाव के लिए होने वाली अधिसूचना का अभी और इंतजार करना पड़ सकता है. इसकी वजह पांच दिसंबर से शुरू होने वाला विधानमंडल का शीतकालीन सत्र है. असल में शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार अनुपूरक बजट भी पेश करेगी. इस दौरान कुछ नई योजनाओं की घोषणा भी की जा सकती है. अगर सत्र के पहले अधिसूचना जारी हो गई तो चुनाव आचार संहिता लग जाएगी. ऐसे में किसी भी योजना का एलान करने से उसका असर चुनाव आचार संहिता पर भी पड़ेगा. बहरहाल अभी कोई भी अधिकारी इस बारे में कुछ भी बोलने से बच रहा है.

राज्य निर्वाचन आयोग को आठ जनवरी से पहले निकाय चुनाव करवाने हैं. नगर विकास विभाग आरक्षण तय करने के लिए तेजी से काम कर रहा है. पहले माना जा रहा था कि नवंबर के अंतिम सप्ताह तक निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी हो सकती है. लेकिन विधानसभा के शीतकालीन सत्र की घोषणा होने के बाद अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं. प्रदेश में 763 नगरीय निकाय संस्थाओं के चुनाव होने हैं. प्रदेश में जल्द ही निकाय चुनाव का एलान हो सकता है. यूपी निकाय चुनाव को लेकर आयोग ने तैयारियां भी तेज कर दी है. इसी क्रम में मतदाता सूची को अंतिम रूप देने का भी काम किया जा रहा है. मतदाता सूची के जारी आंकड़ों के अनुसार यूपी निकाय चुनाव में इस बार 4.27 करोड़ से ज्यादा वोटर्स वोट डालेंगे. वहीं इस बार के चुनाव में कई बदलाव भी नजर आएंगे. यूपी में दिसंबर महीने में होने वाले स्थानीय निकाय के चुनाव में कुल चार करोड़ 27 लाख 40 हजार 320 मतदाता शहर की सरकार को चुनेंगे | मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होने के बाद वोटरों की कुल संख्या बढ़कर चार करोड़ 27 लाख से ज्यादा हो गई है. अगर इससे पहले 2017 में हुए निकाय चुनाव पर गौर करें तो उसकी तुलना में इस बार पूरे प्रदेश में 91.44 लाख मतदाता बढ़े हैं.

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