हाथरस 22 सितम्बर | नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के तहत सीबीएसई बोर्ड के विद्यालयों के शिक्षकों को सीबीएसई द्वारा निर्धारित 1 वर्ष में 50 घंटे की ट्रेनिंग पूर्ण करना अनिवार्य कर दिया है, जिसमें शिक्षकों को 25 घंटे की सीबीएसई के माध्यम से की गई ट्रेनिंग व 25 घंटे की इन हाउस ट्रेनिंग करना आवश्यक है। इन्हीं आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु  दून पब्लिक स्कूल में आज 5 घंटे की आंतरिक ट्रेनिंग आयोजित की गई। शिक्षण पद्धति की गुणवत्ता को विकसित करने के उद्देश्य से सीबीएसई रिसोर्स पर्सन एवं विद्यालय प्रधानाचार्य जेके अग्रवाल ने शिक्षकों के लिए संशोधित ब्लूम्स वर्गीकरण रिवाइज्ड ब्लूम्स टैक्सोनॉमी विषय पर आधारित कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का शुभारंभ गायत्री मंत्र के उच्चारण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास में योगदान देने के उद्देश्य से आयोजित संशोधित ब्लूम्स टैक्सोनॉमी कार्यशाला में प्रधानाचार्य ने बड़े ही रोचक तरीकों से ब्लूम्स वर्गीकरण की प्रस्तुतियां दीं। प्रधानाचार्य ने ब्लूम्स वर्गीकरण की उपयोगिता को बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से विद्यार्थी अपने विषय को अपने तरीके से समझ सकता है और उसके समाधानों पर अपने आप विचार भी कर सकता है। कार्यशाला में प्रधानाचार्य ने स्मरण, समझना, लागू करना, विश्लेषण, मूल्यांकन एवं रचना आदि कौशलों से विद्यार्थियों के लिए पाठ योजना एवं प्रश्नपत्र तैयार करने का उचित ज्ञान प्रदान किया। 21 वी शताब्दी के कौशलों जिसमें रचनात्मकता, तार्किक क्षमता, संप्रेषण विधि, सहकारिता एवं नेतृत्व क्षमता आदि के माध्यम से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास जैसे- मानसिक शारीरिक एवं शैक्षणिक आदि पर भी चर्चा की गई। कार्यशाला में शिक्षकों के अनुभवों, उनकी सोच एवं विचारों को भी आपस में साझा किया गया। शिक्षकों द्वारा स्मरण, समझ एवं लागू करना कौशलों के माध्यम से प्रश्नों का रचनात्मक गतिविधि द्वारा निर्माण करने की सीख के साथ कार्यशाला का सफलतम समापन हुआ।

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