हाथरस 22 सितम्बर | न्यायालय एडीजे टू विनीत चौधरी की कोर्ट से अभियुक्त दीपक उर्फ दीपू पुत्र हरिशंकर निवासी नगला चिरंजी थाना जमुनापार जनपद मथुरा को अपराध संख्या 45 सन 2019 धारा 302 201 आईपीसी थाना हाथरस गेट में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है । तमाम विवेचना के बाद अभियुक्त के विरुद्ध आरोप पत्र मा न्यायालय में प्रेषित किया तथा उक्त का विचारण एडीजे टू विनीत चौधरी के न्यायालय द्वारा किया गया। अभियोजन पक्ष द्वारा 13 दस्तावेजी साक्ष्य को 7 गवाहों द्वारा साबित कर मामले को प्रस्तुत किया गया अभियुक्त की ओर से सफाई साक्ष्य में दो लोगों को परक्षित कराया गया। जिसकी सूचना मृतक के पिता द्वारा थाना हाथरस गेट पर दी गई तथा सूचना दिनांक 25 जनवरी 2019 के आधार पर मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया जिसमें यह पाया कि मृतक की हत्या गला दबाने से की गई है जिसके उपरांत दिनांक 6 2019 को विधिवत एफआईआर अपराध संख्या 45 /2019 धारा 302 201 आईपीसी दर्ज की l आपको बतादें दिनांक 24 जनवरी 2019 को मृतक जीशान पुत्र कल्लू खां निवासी कैमाऱ थाना चंदपा जिला हाथरस का शव हतीसा पुल के पास एक गड्डे में पड़ा मिला था। इसकी सूचना मृतक के पिता को एक अनजान व्यक्ति ने मृतक के मोबाइल फोन से ही दी थी।

तमाम साक्षी का गंभीर और गहन विवेचन कर न्यायालय ने यह पाया कि मृतक जीशान की हत्या दीपक उर्फ दीपू द्वारा की गई और उसे धारा 302 में आजीवन कारावास व 20,000 रुपए के अर्थदंड, अर्थदंड अदा न करने पर 2 वर्ष के अतिरिक्त कारावास तथा धारा 201 में 2 वर्ष के कारावास और 5000 रुपए के अर्थदंड, अर्थदंड अदा न करने पर छह मास के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गयी है। अभियोजन की तरफ से मामले की पैरवी राजपाल सिंह दिशवार एडीजीसी क्रिमिनल द्वारा की गई। क्योंकि प्रस्तुत प्रकरण में कोई चतुर्दशी साक्षी नहीं था पूरा मामला परिस्थिति जन्य साक्ष्य एवं अभियुक्त से मृतक जीशान के मोबाइल की बरामदगी पर आधारित था, यह पाया गया कि घटना वाले दिन समय 18: 22 से 18:23 तक मृतक जीशान के मोबाइल की लोकेशन इगलास अड्डा हाथरस पर थी तथा 19:56 बजे जीशान के मोबाइल की लोकेशन अलीगढ़ ग्रामीण बैंक मुरसान पाई गई हतीसा पुल के नीचे कोई बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन भी नहीं है तथा तालाब चौराहे से हतीसा पुल की दूरी करीब दो ढाई किलोमीटर है तथा यह भी पाया गया कि अनजान व्यक्ति द्वारा बताई गई जानकारी के आधार पर मृतक की ई-रिक्शा उसी स्थान से बरामद हुई जहां पर उसके द्वारा बताई गई थी दूसरे दिन मृतक का शव भी वहां से ही एक गड्डे से बरामद हुआ जिससे यह साबित हुआ कि जिस व्यक्ति से वादी मुकदमा कल्लू की बातचीत हो रही थी उसे मृतक जीशान की हत्या के संबंध में पूर्ण जानकारी थी एवं उसी व्यक्ति द्वारा दी गई | जानकारी के आधार पर महत्वपूर्ण तथ्य प्रकाश में आए यदि व्यक्ति को मृतक जीशान की ई रिक्शा और उसके शव के बारे में जानकारी थी तो उसी के द्वारा मृतक जीशान की हत्या कार्य किया जाना स्वभाविक निष्कर्ष है अन्यथा उसे मृतक जीशान के बारे में जानकारी होना संभव नहीं था।

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