सिकंदराराऊ (हसायन) 18 सितम्बर | राष्ट्रीय पोषण माह के तहत कृषि विज्ञान केंद्र पर पोषण अभियान एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन इफको एवं कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संतोष सिंह यादव सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता,विशिष्ट अतिथि मोहित बघेल जिला अध्यक्ष भाजपा पिछड़ा मोर्चा रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ एके सिंह कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि अध्यक्ष द्वारा की गई। कार्यक्रम में एक सौ सभी वर्गों के पुरूष, महिला किसान व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहे।राष्ट्रीय पोषण माह कार्यक्रम के दौरान भाजपा के पिछडा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष मोहित बघेल एवं संतोष सिंह यादव द्वारा  किसानों को फलदार पौधे वितरित किए गए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वृक्षारोपण एवं पोषण अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि पौधारोपण व पोषण के संबंध में जानकारी एवं जागरूकता से जन-जन को इसका लाभ मिलेगा। कृषि महिला गृह वैज्ञानिक डाॅ पुष्पा देवी ने कहा कि संतुलित आहार एवं शुद्ध पर्यावरण से सभी का स्वास्थ्य बेहतर होगा तथा सुंदर राष्ट्र का निर्माण होगा। डॉ पुष्पा देवी ने महिला किसानों को जागरूक करते हुए पोषण के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि गर्भवती महिला के लिए प्रोटीन, आयरन, विटामिन एवं खनिज का विशेष महत्व होता है।
कैल्शियम की पूर्ति के लिए दूध, मक्खन, चीज, दही, अंजीर, अंगूर व तरबूज बाजरा तिल का उचित स्रोत है | जबकि प्रोटीन के लिए मूंगफली, पनीर, अंडा, दूध व अंकुरित दालें चना आदि उत्तम है। आयरन के लिए अंडा, फल, सब्जी, गुड, अंजीर व खजूर में भी अच्छे स्रोत हैं। महिला कृषि गृह वैज्ञानिक डाॅ.पुष्पा देवी ने महिलाओं को जानकारी देते हुए बताया कि विटामिन डी के लिए सुबह की धूप में बैठना या कार्य करना जरूरी है। गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन दस से बारह गिलास पानी भी जरूर पीना चाहिए। खून की कमी को रोकने के लिए  हरी सब्जी मेंथी चोलाई मूली के पत्ते पालक सरसों का साग चने का साग सहजन प्याज सोयाबीन अंकुरित दाल तिल गुड खजूर बादाम का सेवन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि किशोरावस्था में जब शारीरिक एवं मानसिक विकास तेजी से होता है, तब संतुलित आहार का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आई.पी.मलिक ने किसानों को नैनो यूरिया की जानकारी देते हुए बताया कि यह किसानों के लिए बहुत लाभकारी है,इससे कम लागत में अधिक पैदावार होती है। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ.जगदीश मिश्रा, डाॅ.प्रणवीर डाॅ.सुधीर रावत, पी.के.शर्मा, मोहित बघेल, संतोष सिंह यादव, डॉ.पुष्पा देवी महिला कृषि गृह विज्ञान वैज्ञानिक व आई.पी.मलिक मौजूद रहे।