हाथरस 12 अप्रैल | हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व माना गया है। क्योंकि इसी दिन से हिंदू नव वर्ष यानि कि नव सम्वत्सर की भी शुरुआत होती है। अतः साल के प्रथम दिन से अगले नौ दिनों तक माता की पूजा कर वर्ष का शुभारम्भ होता है। चैत्र नवरात्रि को वसन्त या वासंतिक नवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है। भगवान राम का जन्मदिवस चैत्र नवरात्रि के अन्तिम दिन पड़ता है इसीलिए इनको राम नवरात्रि भी कहा जाता है।

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, शक्ति की आराधना का ये पर्व इस साल 13 अप्रैल से शुरू हो रहा है, जिसका समापन 22 अप्रैल को होगा। अबकी चैत्र नवरात्रि का आरंभ मंगलवार को हो रहा है। इस बार मां दुर्गा का आगमन अश्व यानि घोड़े पर होगा। आइए जानते हैं किस ​दिन और तिथि में किस देवी ​की होगी पूजा …

चैत्र नवरात्रि की तिथियां –

क्रम तिथि दिन पूजा
नवरात्रि प्रतिपदा 13 अप्रैल मंगलवार मां शैलपुत्री पूजा और घटस्थापना
दूसरा नवरात्र 14 अप्रैल बुधवार मां ब्रह्मचारिणी पूजा
तीसरा नवरात्र 15 अप्रैल गुरुवार मां चंद्रघंटा पूजा
चौथा नवरात्र 16 अप्रैल शुक्रवार मां कुष्मांडा पूजा
पांचवां नवरात्र 17 अप्रैल शनिवार मां स्कंदमाता पूजा
छष्ठ नवरात्र 18 अप्रैल रविवार मां कात्यायनी पूजा
सातवां नवरात्र 19 अप्रैल सोमवार मां कालरात्रि पूजा
आठवां नवरात्र 20 अप्रैल मंगलवार मां महागौरी पूजा
नवमं नवरात्र 21 अप्रैल बुधवार मां सिद्धिदात्री, रामनवमीदुर्गा
नवरात्रि पारण 22 अप्रैल गुरुवार नवरात्रि दशमी