नई दिल्ली 07 अप्रैल | दिल्ली में आप कार चला रहे हैं और उसमें कोई दूसरा व्यक्ति नहीं बैठा है तो भी आपको मास्क लगाकर रखना होगा। दिल्ली हाई कोर्ट ने आज अपने आदेश में यह साफ कर दिया है कि भले ही कार में आप अकेले हों, मास्क लगाना अनिवार्य होगा। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि मास्क ‘सुरक्षा कवच’ का काम करता है जो कोविड-19 महामारी को फैलने से रोकता है। इसके साथ ही, अदालत ने उन सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया जिसमें अकेले कार चालक के मास्क नहीं पहनने पर चालान काटने का विरोध किया गया था। हाई कोर्ट ने कहा कि भले ही कार में एक ही व्यक्ति हो, लेकिन है तो यह पब्लिक स्पेस ही।

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि कोरोना महामारीके दौरान एक व्यक्ति के लिए गाड़ी चलाते हुए मास्क पहने रखना जरूरी है, फिर चाहे वह उसमें अकेले ही क्यों न बैठा हो। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने इस मुद्दे पर अपना फैसला सुनाते हुए यह व्यवस्था दी। उन्होंने कहा कि यदि गाड़ी सार्वजनिक जगहोंसे गुजरती है तो उससे वहां मौजूद दूसरे लोगों के लिए संक्रमण का खतरा पैदा हो सकता है। अदालत का तो यह तक मानना है कि घरों में अगर बुजुर्ग भी साथ रह रहे हैं और वa किसी तरह की दूसरी बीमारियों से ग्रसित हो तो वहां भी मास्क पहने रखे जाने को बढ़ावा मिलना चाहिए।
चलती गाड़ियों से संक्रमण का खतरा
हाई कोर्ट ने साफ किया कि सार्वजनिक स्थानों पर चलती गाड़ियों से संक्रमण का खतरा पैदा हो सकता है। इसीलिए कोई वाहन सार्वजनिक स्थान ही माना जाएगा, फिर चाहे उसमें एक ही व्यक्ति क्यों न हो। हाई कोर्ट के फैसले से जाहिर है कि कोरोना महामारी फैले होनेके चलते गाड़ी में फेस को कवर करते हुए मास्क पहने रखना अनिवार्य है, फिर चाहे उसमें एक व्यक्ति बैठा हो या एक से ज्यादा।

सुरक्षा कवच है मास्क: हाई कोर्ट
मास्क को महामारी से बचाव का कवच बताते हुए जस्टिस सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस से बचने के लिए मास्क एक सुरक्षा कवच की तरह है। यह पहनने वाले की तो रक्षा करता ही है, दूसरों तक संक्रमण के प्रसार को भी रोकता है। कोर्ट ने कहा कि मास्क लगाना एक ऐसा उपाय है जिसने लाखों जीवन की रक्षा की है। इस फैसले के साथ हाई कोर्ट ने उन तमाम याचिकाओं को खारिज कर दिया जिसमें निजी कार में अकेले होने पर मास्क नहीं पहननेको लेकर काटे गए चालान को चुनौती दी गई थी।
केंद्र और दिल्ली सरकारों की दलील
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कोर्ट में कहा था कि उसने ऐसा कोई दिशानिर्देश जारी नहीं किया है जिसमें लोगों को गाड़ी में अकेले सफर करते हुए मास्क पहने रखने का निर्देश दिया गया हो। हालांकि, दिल्ली सरकार ने दलील दी कि उसने बीते साल अप्रैल महीने में गाड़ी चलाते हुए मास्क पहने रखने को जरूरी कर दिया था और यह नियम अब भी लागू है।
दिल्ली में कोरोना की स्थिति गंभीर

ध्यान रहे कि दिल्ली में कोरोना वायरस की ताजा लहर हैरान कर रही है। यहां मंगलवार को भी 5 हजार से ज्यादा नए कोविड केस सामने आए। स्थिति बिगड़ते देख दिल्ली सरकार ने मंगलवार से ही 30 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू लगाने का ऐलान कर दिया। वहीं, अस्पतालों में कोविड स्पेशल बेड बढ़ाए जा रहे हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि पिछले तीन दिनों में अलग-अलग अस्पतालों में 2,000 कोविड बेड्स बढ़ा दिए गए हैं। उन्होंने भी लोगों से मास्क पहनने और सोशल डिस्टैंसिंग के नियमों का पालन करने की अपील की है।

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