बीजापुर 04 अप्रैल | नक्सल प्रभावित तर्रेंम थाना क्षेत्र के जोन्नागुड़ा के जंगल में शनिवार दोपहर पुलिस व नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में कुल 23 जवान शहीद हुए हैं। रविवार दोपहर तक 23 शव निकाले जा चुके हैं। बीजापुर एसपी कमलोचन कश्यप ने 23 शव की पुष्टि की है।  सबसे पहले यह बात सामने लाए कि 20 जवानों के शव मौके पर ही हैं। डीजीपी डीएम अवस्थी ने कहा कि दो शव निकाले गए हैं और 20 शव घटनास्थल पर ही हैं। गांव के करीब और जंगल में जवानों के शव मिले हैं। नक्सली उनके हथियार, जूते और कपड़े तक ले गए हैं। मुठभेड़ के बाद 15 से ज्यादा जवान लापता बताए जा रहे थे।

अब तक 30 घायल जवानों को अस्‍पताल पहुंचाया गया। सात घायलों का इलाज रायपुर और 23 का बीजापुर में चल रहा। सभी की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना स्थल के लिए भेजी गई बैकअप पार्टी भेजी गई । नक्सलियों की मांद में पहली बार भारी रिस्क लेकर वायुसेना का हेलीकाप्टर उतारा गया। घटनास्थल से बिना इसके शव निकालना मुश्किल था।14 जवानों के शवजगदलपुर हेलीकाप्‍टर से लाए गए। हमले के बाद शीर्ष अधिकारियों की बैठक हुई। मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल देर शाम राजधानी पहुंच रहे हैं। जबकि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी अपना दौरा रद्द कर राजधानी पहुंच रहे हैं |

बस्तर आइजी सुंदरराज पी ने मौके से एक महिला नक्सली का शव बरामद होने की भी जानकारी दी है। साथ ही दावा किया है कि कम से कम 15 नक्सली मारे गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री ने घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। वहीं, सीएम भूपेश बघेल ने जवानों की शहादत पर दुख व्यक्त करते हुए उनके स्वजनों के प्रति संवेदना जताई है। बीजापुर जिला मुख्यालय से करीब 75 किमी दूर तर्रेंम थाना क्षेत्र सिलगेर गांव के पास के जंगल में नक्सलियों की बटालियन नंबर एक के कमांडर दुर्दांत नक्सली हिड़मा की मौजूदगी की सूचना मिल रही थी। इस आधार पर शुक्रवार को डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड), सीआरपीएफ, एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) व कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम रवाना की गई थी। इसमें तर्रेम से 760 जवान, उसूर से 200, पामेड़ से 195, सुकमा जिले के मिनपा से 483 व नरसापुरम से 420 जवानों को मिलाकर कुल 2059 जवान शामिल थे। शनिवार को सर्चिंग से वापसी के दौरान बीजापुर के तर्रेम व सुकमा के सिलगेर के बीच जोन्नागुड़ा के जंगल में फोर्स की एक टुकड़ी को नक्सलियों ने एंबुश (चौतरफा घेर लेना) में फंसा लिया।

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