नई दिल्ली 15 नवंबर | आईआरसीटीसी को मेनू को कस्टमाइज करने की इजाजत देने का फैसला लिया गया है ताकि यात्रियों की प्राथमिकताओं के आधार पर क्षेत्रीय व्यंजनों, मौसमी व्यंजनों, त्योहारों के खाने और अन्य खाद्य पदार्थों को अलग-अलग पसंद के अनुसार मेन्यू में शामिल किया जा सके।

रेलवे बोर्ड ने मंगलवार को इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) को अपनी फूड कैटरिंग सेवाओं में सुधार लाने और मेन्यू को बदलने की इजाजत दे दी है। मंगलवार को रेल बोर्ड के एक आदेश में कहा गया है कि आईआरसीटीसी को मेनू को कस्टमाइज करने की इजाजत देने का फैसला लिया गया है ताकि यात्रियों की प्राथमिकताओं के आधार पर क्षेत्रीय व्यंजनों, मौसमी व्यंजनों, त्योहारों के खाने और अन्य खाद्य पदार्थों को अलग-अलग पसंद के अनुसार मेन्यू में शामिल किया जा सके। इसके साथ ही यात्रियों को डायबिटिक फूड, बेबी फूड, हेल्थ फूड के विकल्प भी दिए जाएंगे। यानी पहली बार ट्रेन से यात्रा करनेवालों को क्षेत्र विशेष की लोकल डिश (क्षेत्रीय भोजन) का मेनू कार्ड दिया जाएगा। आपको बता दें कि अभी तक रेलवे बोर्ड ही खाने का मेन्यू तय करता था और IRCTC के पास इसमें बदलाव के अधिकार नहीं थे।

रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक कई राज्यों, विशेष तौर पर दक्षिणी और पश्चिमी राज्यों से यात्रियों की शिकायतें आती थीं कि उन्हें क्षेत्रीय भोजन नहीं मिलता, क्योंकि रेलवे के पास एक ही तरह के खाद्य और पेय पदार्थ हैं। यह पहली बार है जब बोर्ड ने आईआरसीटीसी को यह अधिकार दिया है कि वह अपने हिसाब से मेन्यू में बदलाव कर सके। इससे न केवल भोजन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलेगी, बल्कि डेस्टिनेशन के अनुसार मेन्यू को भी कस्टामाइज करने की इजाजत मिल सकेगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि जिन प्रीपेड ट्रेनों में खानपान शुल्क यात्री किराए में शामिल है, उनके लिए मेन्यू आईआरसीटीसी द्वारा पहले से अधिसूचित टैरिफ के भीतर तय किया जाएगा।

ब्रांडेड खाद्य पदार्थों के बिक्री की अनुमति

मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में एमआरपी पर अ-ला-कार्टे भोजन और ब्रांडेड खाद्य पदार्थों की बिक्री की अनुमति होगी। इस तरह के अ-ला-कार्टे भोजन का मेनू और शुल्क आईआरसीटीसी द्वारा तय किया जाएगा। बोर्ड ने अपने आदेश में आईआरसीटीसी से कहा कि मेनू तय करते समय उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि भोजन और सेवा की गुणवत्ता और मानकों में सुधार हो और मात्रा में बार-बार कटौती न की जाए। साथ ही यात्रियों की शिकायतों से बचने के लिए गुणवत्ता बनाए रखे, घटिया ब्रांडों का उपयोग न करे आदि। इसने यह भी कहा कि मेनू को टैरिफ के अनुरूप होना चाहिए और मेनू यात्रियों की जानकारी के लिए पूर्व-अधिसूचित किया जाना चाहिए।