हाथरस 11 मई | पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा ने जनपद में उद्योगों की स्थापना के सम्बंध में एक पत्र सूबे के मुख्यमंत्री को लिखा है | पत्र के माध्यम से पालिकाध्यक्ष ने कहा है कि जनपद को बृज की द्वार देहरी के नाम से जाना जाता हैं तथा इस जनपद का पौराणिक महत्व भी हैं। जनपद में पूर्व में कई उद्योग संचालित थे | इस जनपद को मिनी मानचेस्टर के नाम से भी जाना जाता था | परंतु पूर्व सपा, बसपा सरकारों की उपेक्षा के कारण जनपद के उद्योग धंधे खत्म होते गयें। उद्योग धंधे न होने के कारण जनपद में बेरोजगारी भी एक प्रमुख समस्या हैं। कोविड-19 की इस लड़ाई में जनपद ने भी आपके जनहित में लिए गये ऐतिहासिक निर्णयों को सअक्षर से पालन किया हैं। जनपद में कोई व्यक्ति, पशु व जानवर भूखा नहीं सोया हैं। सामाजिक कार्य करने वाली सभी देवतुल्य ऋषियों को प्रणाम करता है।

आपने कहा कि चीन के उद्योगों का पलायन अगर हमारे देश में होता है तो सबसे ज्यादा कोरपोरेट आपके प्रदेश, आपके कुशल प्रेरणादायी नेतृत्व का ही पसन्द करेगा। हाथरस जो मिनी मानचेस्टर के नाम से विख्यात था, आज पुनः आपकी तरफ “आशा की नई किरण” से देख रहा हैं। हाथरस भी चाहता है कि आपके ईश्वरीय नेतृत्व में कुछ आर्शीवाद इस जनपद को मिल जायें। वर्तमान में कोविड-19 के दृष्टिगत उ0प्र0 में विदेशी कंपनियों की स्थापना हेतु श्रमिक नियमों में आपके द्वारा शिथिलता दी गयी हैं। इस जनपद में उद्योग धंधों की स्थापित हेतु अपार संभावनाएं हैं। आपने मुख्यमंत्री से अनुरोध है कि अन्य देशों से विस्थापित विदेशी इंडस्ट्री इस जनपद में भी स्थापित कराये जाने की कृपा करें, ताकि इन जनपद को एक इंडस्ट्री मिलने से विकास की गति आगे बड सके व जनपद के बेरोजगार नवयुवकों को समुचित रोजगार भी मिल सके। यही नहीं आपने ही 50 वर्ष पुरानी ओवरब्रिज के निर्माण की स्वीकृति देकर जनता को पहली बार सुखद अहसास कराया हैं।

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