नई दिल्ली 01 दिसंबर | दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से बिगड़ते हालात के बीच कमीशन ऑफ एयर क्वलिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब दिल्ली-एनसीआर में 1 जनवरी, 2023 से सिर्फ इलेक्ट्रिक और सीएनसी ऑटो का ही रजिस्ट्रेशन होगा। वहीं 31 दिसंबर 2024 से गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, ग्रेटर नोएडा में डीजल ऑटो पूरी तरह से बंद हो जाएंगे। उधर 2026 तक दिल्ली-एनसीआर में डीजल ऑटो पर पूरी तरह प्रतिबंध लग जाएगा। आंकड़ों के अनुसार, फरीदाबाद में 80 फीसदी सीएनजी ऑटो चल रहे हैं। वहीं 20 प्रतिशत माल ढुलाई और सवारी वाले ऑटो डीजल पर चल रहे हैं। इसके अलावा गाजियाबाद में भी 10 से 15 प्रतिशत डीजल ऑटो चल रहे हैं।

पूरी प्लानिंग के साथ सड़कों से डीजल ऑटो हटाने की तैयारी

एनसीआर से डीजल ऑटो को हटाने का अभियान योजनाबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। गुरुग्राम, फरीदाबाद, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद के लिए समय सीमा 31 दिसंबर-2024 तय की गई है, जबकि सोनीपत, रोहतक, झज्जर, बागपत के लिए समय सीमा 31 दिसंबर-2025 और एनसीआर के अन्य शहरों के लिए सीमा 30 दिसंबर-2026 है। कमीशन का लक्ष्य है कि एक जनवरी-2027 तक सड़कों पर सिर्फ सीएनजी और इलेक्ट्रिक ऑटो ही चलें।

हरियाणा, यूपी और राजस्थान सरकार को सख्त निर्देश

आयोग के सदस्य सचिव अरविंद नोटियाल की ओर जो निर्देश जारी हुए हैं, उसके अनुसार संबंधित राज्यों की एजेंसियों इन निर्देशों का पूरी तरह से प्रचार करें और सख्ती से पालन करने की तैयारी शुरू कर दें। दरअसल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सड़कों पर से पहले से ही डीजल ऑटो रिक्शा हटाए जा चुके हैं, अब वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने हरियाणा, यूपी व राजस्थान सरकार के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर एनसीआर के अन्य जिलों की सड़कों से 31 दिसंबर 2026 तक डीजल ऑटो पूरी तरह से हटाने के निर्देश जारी किए हैं।