इटावा 2 अगस्त | महाभारत कालीन सभ्यता से जुड़ा उत्तर प्रदेश का इटावा जिला एक्सप्रेसवे हब बनता जा रहा है | आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के बाद अब चंबल एक्सप्रेसवे भी यूपी के इटावा से होकर गुजरेगा | तीन एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाला इटावा यूपी का पहला जिला माना जा रहा है | कभी कुख्यात डाकुओं के लिए बदनाम चंबल घाटी अब विकास की नई इबारत लिख रहे है | प्रशासनिक और पुलिस की कसरत ने डाकुओं का खात्मा तो किया ही, अब एक्सप्रेस वे के जरिये विकास और रोजगार के नये रास्ते भी खुलेंगे | चंबल एक्सप्रेस के इटावा से होकर गुजरने की खबर के बाद जिले के लोग बेहद खुश हैं | लोगों को ऐसा लगता है कि तीनों एक्सप्रेसवे के जरिए इटावा में विकास की नई राह तो शुरू होगी ही, साथ ही रोजगार के नए नए रास्ते भी खुलेंगे | पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री और सांसद प्रो. रामशंकर कठेरिया बताते हैं कि इटावा में भरथना के पास नगरिया सरावा गांव में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से चंबल एक्सप्रेसवे का जुड़ाव होगा | इसके निर्माण पर करीब 8800 करोड़ खर्च आने का अनुमान है | चंबल एक्सप्रेसवे के इस साल आखिरी में शुरू हो जाने की उम्मीद जताई जा रही है |

तीन राज्यों से होकर गुजरेगा चम्बल एक्सप्रेसवे

राजस्थान के कोटा से निकल कर यूपी के इटावा तक करीब 400 किलोमीटर दूरी तय करने वाला चंबल एक्सप्रेसवे फोरलेन का निर्मित होगा | इसी साल नवंबर माह से चंबल एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू हो जायेगा | केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और इटावा से भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रो. रामशंकर कठेरिया ने इस एक्सप्रेसवे को जल्द से जल्द चालू करवाने के लिए मुलाकात भी की है | चंबल एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान राज्यों में प्रस्तावित छह लेन का एक्सप्रेसवे है | चंबल एक्सप्रेसवे नाम दिया गया है क्योंकि इसे चंबल नदी के किनारे बनाया जाएगा | एक्सप्रेसवे राजस्थान में कोटा को उत्तर प्रदेश में श्योपुर और मुरैना जिलों के माध्यम से इटावा से जोड़ेगा | प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की लागत 8,800 करोड़ रुपये आंकी गई है | 417 किमी लंबा प्रस्तावित एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश के माध्यम से कानपुर से कोटा तक एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करता है और फिर दिल्ली-मुंबई कारिडोर में शामिल होता है | राजस्थान  के कोटा से शुरू होकर मध्यप्रदेश होते हुए यूपी के इटावा में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा | चंबल एक्सप्रेसवे की प्रस्तावित परियोजना क्रास-कनेक्टिविटी प्रदान करेगा |

चंबल एक्सप्रेसवे से कौन होगा लाभान्वित?

प्रस्तावित चंबल एक्सप्रेसवे मुख्य रूप से चंबल क्षेत्र में आदिवासी समुदायों और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले गरीबों के लिए एक गेम-चेंजर हो सकता है, क्योंकि यह देश का सबसे पिछड़ा इलाका माना जाता है | साथ ही, तीनों राज्यों यानी एमपी, राजस्थान और यूपी के किसान सबसे ज्यादा लाभान्वित होंगे क्योंकि वे अपनी उपज को दिल्ली, मुंबई के बाजारों में भेज सकेंगे | यह मध्य प्रदेश के चंबल संभाग के औद्योगीकरण और विकास में भी मदद करेगा | महाराज सिंह भदौरिया बताते है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटावा को एक नया तोहफा दिया है | इस तोहफे से इटावा की बदहाल तस्वीर मे बदलाव होगा | चंबल एक्सप्रेसवे राजस्थान के कोटा से शुरू होगा जो मध्यप्रदेश होते हुए उत्तर प्रदेश के इटावा मे बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर जुड़ेगा | यह एक्सप्रेसवे दुर्गम बीहड़ के इलाके से निकल रहा है | उदी के ही राजेंद्र सिंह भदौरिया का कहना है कि चंबल एक्सप्रेस के निर्माण के बाद रोजगार और विकास के नये नये आयाम भी खड़े किये जाएंगे |

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