ओ नई साल तू एक नया युग
लेकर आना।
इस भूमण्डल को खास नया कुछ
देकर जाना।।

सदियों से चली आ रही गलत प्रथाएँ।
जग को अभिशापित करती परम्पराएँ।।

हर एक बुराई इस दुनियाँ से
मार भगाना।
ओ नई साल तू एक नया
युग लेकर आना…

जो दीन दुखी शोषित पीड़ित बेचारे।
जो हारे थके और किश्मत के मारे।।

उनको तू आकर खुशियों की
माला पहनाना।
ओ नई साल तू एक नया
युग लेकर आना…

क्या धर्म और क्या है अधर्म सब जानें।
अपना निर्मल निजरूप सभी पहचानें।।

अज्ञान मिटा सबको दे देना
ज्ञान खजाना।
ओ नई साल तू एक नया युग
लेकर आना…

सब जाति धर्म की टूट जायें दीवारें।
मानव को मानव आपस में स्वीकारें।।

हर ओर विमल मानवता का
झण्डा फहराना।
ओ नई साल तू एक नया
युग लेकर आना…

– अवशेष मानवतावादी