तेरे चेहरे के नूर से,
तेरे दिल की दूरी तक।
तेरे पास होने से,
तेरे रूठ जाने तक।
बस तुझे सोचती हूँ।।

वो बारिश की बूंद से,
सूरज की किरण तक।
ओस के गिरने से,
चाँद की चँदिनी तक।
बस तुझे सोचती हूँ ।।

मेरे कानो की बाली से,
होटो की लाली तक।
मेरे जुल्फ के गिरने से,
आँखो के काजल तक।
बस तुझे सोचती हूँ ।।

वो तेरे हाथो की कॉफ़ी से,
नुकड की चाय तक।
महँगे रेस्टोरेंट से,
व्हिस्की के नशे तक।
बस तुझे सोचती हूँ ।।

तेरे आक्रोश से,
मेरे दिल तक।
तेरी साँसो से,
मेरे जीने तक।
बस तुझे सोचती हूँ ।।

स्कूल की नादानीयों से,
कॉलेज की शैतानियों तक।
गली मे गुजरने से,
घर आने तक।
बस तुझे सोचती हूँ ।।

क्रिसमस की शाम से,
दिवाली की रोशनी तक।
ईद के चाँद से,
होली की गर्मी तक।
बस तुझे सोचती हूँ ।।

मीना बाज़ार से,
सेंटर पॉइंट तक।
ताज महल से,
इंडिया गेट तक ।
बस तुझे सोचती हूँ ।।
बस तुझे सोचती हुँ ।।