अवनीश यादव के दस दोहे

जो करते माँ बाप का, निज कर से अपमान। कभी न होगा जगत में, उनका तो यशगान।। जब जब माँ ने गोद में, लेकर किया दुलार। जन्नत...

अकबर सिंह अकेला की एक कविता –

वर्षा झमझम हो रही, मौसम भी परवान। हवा निराली चल रही, पंछी गाउत गान।। दिन में अँधियारी झुकी, बिल्कुल रात समान। लुका छिपी बदरा करें, सूरज अंतर ध्यान।। सांय काल में लग...

कु० राखी सिंह शब्दिता की गजल

ग़ज़ल तुमको भी मुहब्बत है बता क्यूं नहीं देते । रस्मों को वफ़ाओं की निभा क्यूं नहीं देते ।। हंसकर के मुझे देते हैं वो दर्दे- जुदाई...

निर्भय हाथरसी की पुण्य तिथि पर विशेष : माँ शारदे का अंनत आशीष था...

हाथरस 28 जुलाई | आज पुण्य तिथि है ऐसे महान कवि की जो किसी जमाने में बतरस के महारथी और आशु कविता करने में माहिर...

आज चॉकलेट डे पर प्रसिद्द कवि विष्णु सक्सेना की कविता

बुझ न पाए वो प्यास मत देना, कोई लम्हा उदास मत देना, घोल दे ज़िंदगी मे कड़वाहट- ऐसी मुझको मिठास मत देना। द्वार जब दिल के खोल देती...

शिव कुमार “दीपक” के गीत

गीत- छलक आँख से आँसू आये छलक आँख से आँसू आये । मन की लागी कौन बुझाये ।। सूरज का रथ जब आता है । तन मन में...

नितान्शी अग्रवाल की नई रचना – ‘बस तुझे सोचती हूँ’

तेरे चेहरे के नूर से, तेरे दिल की दूरी तक। तेरे पास होने से, तेरे रूठ जाने तक। बस तुझे सोचती हूँ।। वो बारिश की बूंद से, सूरज की किरण...

टेडीबियर डे पर विष्णु सक्सेना की एक खास रचना-

हम अंधेरे नहीं उजाले हैं, आपके साथ रहने वाले हैं प्यार से बांह में भरो, हम भी टेडीबीयर से भोले भाले हैं ज़िंदगी ग़म से जोड़ मत देना, बुलबुला...

प्रोमिस डे पर विष्णु सक्सेना की कलम से कुछ खास-

हम हैं शीशे से टूट जाएंगे, तुम न आये तो रूठ जाएंगे, कोशिशें कामयाब होती है- वादे जितने हैं टूट जाएंगे। मेरे सांचे में ढल के देख ज़रा, दो...

अवशेष मानवतावादी का गीत – फिर भी ईश्वर के होने का होता है अहसास

ना तो कोई भी सबूत है ना गवाह है पास। फिर ईश्वर भी के होने का होता है अहसास।। तोड़ तोड़कर कण को हमने कण कण में तोड़ा। फिर...

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